ब्रज के आंगन में 800 हेक्टेयर में फैला घना जंगल और बीच में 110 हेक्टेयर में कीठम झील। कीठम के सूर सरोवर पक्षी विहार में प्रवासी पक्षियों का संसार इसी वेटलैंड (आर्द्रभूमि) पर बसा हुआ है। पेलिकन हों या बार हेडेड गूज, फ्लेमिंगों हों या नार्दन पिनटेल, कॉमन सैंडपाइपर हों या कारमोरेंट। कीठम झील के छोटे-छोटे टापुओं के किनारे अठखेलियां करते ऐसे प्रवासी और दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों की इस दुनिया को लोगों ने बर्ड फेस्टिवल में देखा।
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बर्ड फेस्टिवल
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय वेटलैंड दिवस पर पहली बार सूर सरोवर पक्षी विहार, कीठम में आयोजित बर्ड फेस्टिवल में स्कूली बच्चों को सुबह नेचर वॉक के जरिए इन प्रवासी पक्षियों के बारे में बताया गया।
राष्ट्रीय चंबल सेंक्चुरी प्रोजेक्ट द्वारा एफमेक के सहयोग से आयोजित बर्ड फेस्टिवल में दयालबाग एजूकेशनल इंस्टीट्यूट तथा इंटर कालेज के बच्चों को पेलिकन समेत अन्य पक्षियों को दिखाकर इनके बारे में समझाया गया। कोहरे के बाद भी यहां सुबह बड़ी संख्या में पक्षी प्रेमी भी पहुंचे।
नेचर वॉक के बाद बर्ड फेस्टिवल का औपचारिक शुभारंभ राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया ने किया। उन्होंने कहा कि पक्षियों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है।
कीठम झील के विकास के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है। उन्होंने पक्षियों की जरूरत के बारे में बताया। फेस्टिवल में राष्ट्रीय चंबल सेंक्चुरी प्रोजेक्ट के उपवन संरक्षक आनंद कुमार, क्षेत्रीय वन अधिकारी अनिल कुमार सिंह, अमित सिंह, डीईआई के प्रो. संत प्रकाश आदि मौजूद रहे।