मथुरा के बरसाना में मंगलवार को श्रीकृष्ण की आह्लादिनी राधारानी के जन्मोत्सव पर आस्था का जनसैलाब उमड़ा। जिधर देखो उधर ही राधे-राधे बोलते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ श्रीजी मंदिर (राधारानी मंदिर) की ओर बढ़ी चली जा रही थी। श्रीजी मंदिर जाने वाली गलियों में राधे नाम के अलावा और कुछ सुनाई नहीं दे रहा था। दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा आदि राज्यों से बरसाना पहुंचे हजारों श्रद्धालु राधारानी की एक झलक पाने को बेताब दिखे।
भक्त गाते हुए चल रहे थे रानी कीरत गोद खिलावे, मृद मुस्काई है। राधे प्रगट भाई बरसाने मंगल बजत बधाई है, भानु भवन की शोभा नयारी, भूषण वसन बटात भारी। श्री वृषभान सुता अति सूंदर, वेद कहाई है राधे प्रगट भाई बरसाने मंगल बजत बधाई है। भोर में अभिषेक के दर्शनों के लिए तो मंदिर परिसर में मारामारी रही। मंगला आरती में शामिल होने के लिए देर रात से ही लोग मंदिर परिसर में पहुंच गए थे।
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राधारानी मंदिर में बरसाना के गोप
- फोटो : अमर उजाला
नंदगांव और बरसाना के गोपों द्वारा संयुक्त रूप से समाज गायन कर वृषभानु बाबा और कीरति मैया को बधाई सुनाईं गईं। खुशी में खूब उपहार लुटाए गए। किशोरी जी का जन्मोत्सव पंचामृत अभिषेक, आरती, डोला, फूल बंगला और छप्पन भोग लगाकर मनाया गया। लाडली के दर्शन के लिए लालायित रानी कीरत का आंगन बधाई गायन से गुंजायमान रहा।
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राधारानी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
राधारानी के जन्म के बाद लाडलीजी मंदिर में प्राकट्य विग्रह की शोभायात्रा संध्या को गर्भगृह से सफेद छतरी तक धूमधाम से निकाली गई। इसमें बरसाने के गोस्वामी जन राधाजी के डोले को हाथों में उठा कर जय-जयकार करते हुए चल रहे थे। राधारानी ने एक घंटे तक मंदिर प्रांगण में स्थित सफेद संगमरमर की छतरी से भक्तों पर अपनी कृपा का सागर उड़ेला। बरसाना वासियों ने बधाई गायन किया।
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राधारानी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष में तीन बार सफेद छतरी से किशोरी जी बरसाती हैं कृपा
राधारानी की शोभायात्रा मंदिर के गर्भगृह से सफेद छतरी में साल में तीन बार आती है। सेवायतों की ब्याहता लड़की द्वारा किशोरी जी का आरता किया जाता है। इस अनूठी परंपरा के हजारों लोग साक्षी बने।
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राधारानी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
कई किमी पैदल चलने के बाद मिले दर्शन
बरसाना को जाने वाले हर रास्ते पर कई किमी लंबी भीड़ थी। कहीं-कहीं तो पैदल निकलने को भी जगह नहीं मिल रही थी। बडे़ वाहनों को संकेत, हाथिया चौराहा और श्रीनगर मोड़ पर ही रोक दिया गया। सोमवार की रात से ही भक्त राधारानी के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए पहुंच गए।