ठेला लगाकर कपड़े बेचता शख्स और उसके पीछे कुर्सी डालकर बैठे दो गनर। यह दोनों गनर ठेले वाले की सुरक्षा में तैनात हैं। यह नजारा एटा के जैथरा कस्बे का है, जिसे देखकर हर कोई चौंक जाता है। दरअसल, हाईकोर्ट के आदेश पर ठेले वाले की सुरक्षा में दो सशस्त्र पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। रविवार को जब दोनों गनर ठेले वाले के पास पहुंचे तो वह उन्हें ग्राहक समझ बैठा। बाद में उसे बताया गया कि दोनों पुलिसकर्मी उसकी सुरक्षा में तैनात रहेंगे। यह मामला सपा नेता एवं अलीगंज के पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और उनके भाई जुगेंद्र सिंह यादव से जुड़ा हुआ है।
जैथरा कस्बा के गांधीनगर निवासी रामेश्वर दयाल ने सपा नेताओं और उनके परिजन पर बंधक बनाकर खेत का जबरन बैनामा कराने और एससी-एसटी एक्ट के तहत तीन जून को थाना मिरहची में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे को झूठा बताते हुए सपा नेताओं ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।
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सपा नेता रामेश्वर सिंह यादव और जुगेंद्र सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने रामेश्वर दयाल को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश एटा पुलिस को दिए। इस पर पुलिस ने दो पुलिसकर्मियों को रामेश्वर की सुरक्षा में तैनात किया है, जो घर से लेकर कार्यस्थल तक ड्यूटी पर रहते हैं।
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रामेश्वर दयाल के ठेले पर खरीदारी करतीं महिलाएं
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जैथरा में ही रामेश्वर हथठेल पर कपड़ों की बिक्री करते हैं। अब पुलिसकर्मियों के सुरक्षा घेरे में वह अपना कारोबार कर रहे हैं। रामेश्वर ने बताया कि उनके एक अन्य खेत पर कस्बा के ही दो लोगों ने गुंडागर्दी के दम पर कब्जा कर रखा है। सुरक्षा मिलने से हिम्मत बढ़ी है। अब इन दोनों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराएंगे।
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रामेश्वर दयाल की सुरक्षा में तैनात सिपाही
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रामेश्वर दयाल की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। दुकान भी नहीं है, इसलिए परिवार का भरण भोषण करने के लिए ठेले पर कपड़े बेचते हैं।
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पीड़ित रामेश्वर दयाल
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पीड़ित रामेश्वर दयाल के ठेले पर जब भी कोई ग्राहक कपड़े खरीदने आता है तो सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को देखकर चौंक जाता है। वहीं सुरक्षा मिलने पर रामेश्वर दयाल का कहना है कि अब वह सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।