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राजा मानसिंह हत्याकांडः सदमे से कम नहीं बुढ़ापे में उम्रकैद की सजा, दहशत में दिखे दोषी
Wed, 22 Jul 2020 06:54 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 22 Jul 2020 06:54 PM IST
सार
- डिप्टी एसपी कान सिंह भाटी को मिली 82 वर्ष की उम्र में सजा
- 78 साल के हैं तत्कालीन एसएचओ वीरेंद्र सिंह
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दोषियों को न्यायालय ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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राजा मानसिंह की हत्या के दोषी पुलिसकर्मी जीवन के सात से आठ दशक पूरे का चुके हैं। अब उम्रकैद की सजा उनके लिए किसी सदमे से कम नहीं है। इस मामले के दोषी 11 पुलिसकर्मियों को जब गाड़ी से न्यायालय परिसर में लाया गया तो उनके चेहरों की उदासी उनके हालात बयां कर रही थी। सजा सुनाए जाने के बाद जब पुलिसकर्मी उन्हें लेकर गाड़ी तक पहुंचे तो सदमे जैसी घबराहट भी इस दोषियों पर दिखाई दी।
राजा मान सिंह की हत्या के दोषियों को जेल ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
हत्याकांड के दोषी 11 पुलिसकर्मियों को जब न्यायालय परिसर में लाया गया तो सुरक्षाकर्मियों ने चारों ओर से उन्हें घेर रखा था। किसी को भी उनके पास भटकने नहीं दिया गया। गाड़ी से उतार कर उन्हें जिला जज के न्यायालय में ले जाया गया। इस दौरान दोषी पुलिसकर्मियों ने किसी से बात नहीं की। न्यायालय परिसर में मौजूद लोगों की निगाहें दोषियों पर टिकी थीं।
ये भी पढ़ें- राजा मानसिंह हत्याकांडः सभी दोषियों को आजीवन कारावास, 35 साल बाद मिला इंसाफ
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तत्कालीन डिप्टी एसपी कान सिंह भाटी कोर्ट ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
सिर झुकाए सभी दोषी न्यायालय में पहुंचे। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी तत्कालीन डिप्टी एसपी कान सिंह भाटी को पुलिसकर्मी जब गाड़ी तक ले जा रहा था तो उनके पैर कई बार लड़खड़ाए, उनके चेहरे के भाव बता रहे थे कि 82 वर्ष की उम्र में उम्रकैद की सजा सदमे से कम नहीं है। इसी तरह 78 वर्षीय तत्कालीन एसएचओ वीरेंद्र सिंह का भी यही हाल था। वीरेंद्र के चेहरे पर भी तनाव साफ दिखाई दे रहा था।
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राजा मान सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बता दें भरतपुर के राजा मानसिंह और दो अन्य की हत्या के मामले में मंगलवार को 11 पुलिसकर्मियों को दोषी करार दिया गया था। 21 फरवरी 1985 को हुए इस बहुचर्चित हत्याकांड की सुनवाई के दौरान 1700 तारीखें पड़ीं और 25 जिला जज बदल गए। वर्ष 1990 में यह केस मथुरा जिला जज की अदालत में स्थानांतरित किया गया था। 35 साल बाद 21 जुलाई 2020 (मंगलवार) को राजा मानसिंह हत्याकांड में निर्णय हो सका था। वादी पक्ष के अधिवक्ता नारायन सिंह विप्लवी ने बताया कि अब तक आठ दफा फाइनल बहस हुई और कुल 78 गवाह पेश हुए, जिनमें से 61 गवाह वादी पक्ष ने तो 17 गवाह बचाव पक्ष ने पेश किए।
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न्यायालय ले जाने से पहले दोषियों के हाथ सैनिटाइज कराती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
राजा मानसिंह हत्याकांड में इन्हें मिली सजा
1. कान सिंह भाटी पुत्र चांद सिंह, तत्कालीन सीओ डीग, जिला भरतपुर, निवासी हड्डा हाउस, एनवर्सर बीकानेर, राजस्थान।
2. वीरेंद्र सिंह पुत्र जगदेव सिंह, तत्कालीन एसएचओ डीग, जिला भरतपुर, निवासी बहरोर जाट, थाना मंडाबार जिला अलवर।
3. रवि शेखर मिश्रा पुत्र लक्ष्मीस्वरूप मिश्रा, इंस्पेक्टर/सेकेंड ऑफिसर, निवासी 44, संजय कॉलोनी, नेहरू नगर, जयपुर राजस्थान।
4. सुखराम पुत्र रूरा राम, तत्कालीन कांस्टेबल नंबर 780, पुलिस लाइन, जिला भरतपुर, निवासी भूड़ा दरवाजा, थाना डीग, जिला भरतपुर।
5. जीवन राम पुत्र सूरा राम, तत्कालीन हेड कांस्टेबल 98 ई कंपनी छठवीं बटालियन आरएसी भरतपुर। निवासी गांव बरानेकुर्द भोपालगढ़ जोधपुर।
6. भंवर सिंह पुत्र राणीदान सिंह, तत्कालीन हेड कांस्टेबल नंबर 82 बी कंपनी, छठवीं बटालियन आरएसी भरतपुर। निवासी गांव चांदनी थाना शंकरा जोधपुर।
7. हरि सिंह पुत्र बेरिसाल सिंह, तत्कालीन हेड कांस्टेबल नंबर 596 ई कंपनी, छठवीं बटालियन आरएसी भरतपुर, निवासी ग्राम धीरा थाना डांचू, जोधपुर।
8. शेर सिंह पुत्र माधो सिंह, तत्कालीन कांस्टेबल नंबर 704, ई कंपनी, छठवीं बटालियन आरएसी भरतपुर, निवासी ग्राम निम्बारा थाना सुरपालिया जिला नागौर, राजस्थान।
9. छत्तर सिंह पुत्र लाल सिंह, तत्कालीन कांस्टेबल नंबर 772 ई कंपनी बटालियन आरएसी भरतपुर, निवासी ग्राम कटुकाला, थाना शेरगढ़ जिला जोधपुर राजस्थान।
10. पदमा राम पुत्र हीरा राम, तत्कालीन कांस्टेबल नंबर 605 ई कंपनी, छठवीं बटालियन, आरएसी भरतपुर। निवासी ग्राम सुखमंडला, थाना देचू, जिला जोधपुर, राजस्थान।
11. जगमोहन पुत्र बदन सिंह, तत्कालीन कांस्टेबल नंबर 784 ई कंपनी छठवीं बटालियन आरएसी भरतपुर, निवासी खाका वाली, थाना नगर जिला भरतपुर, राजस्थान।
1. कान सिंह भाटी पुत्र चांद सिंह, तत्कालीन सीओ डीग, जिला भरतपुर, निवासी हड्डा हाउस, एनवर्सर बीकानेर, राजस्थान।
2. वीरेंद्र सिंह पुत्र जगदेव सिंह, तत्कालीन एसएचओ डीग, जिला भरतपुर, निवासी बहरोर जाट, थाना मंडाबार जिला अलवर।
3. रवि शेखर मिश्रा पुत्र लक्ष्मीस्वरूप मिश्रा, इंस्पेक्टर/सेकेंड ऑफिसर, निवासी 44, संजय कॉलोनी, नेहरू नगर, जयपुर राजस्थान।
4. सुखराम पुत्र रूरा राम, तत्कालीन कांस्टेबल नंबर 780, पुलिस लाइन, जिला भरतपुर, निवासी भूड़ा दरवाजा, थाना डीग, जिला भरतपुर।
5. जीवन राम पुत्र सूरा राम, तत्कालीन हेड कांस्टेबल 98 ई कंपनी छठवीं बटालियन आरएसी भरतपुर। निवासी गांव बरानेकुर्द भोपालगढ़ जोधपुर।
6. भंवर सिंह पुत्र राणीदान सिंह, तत्कालीन हेड कांस्टेबल नंबर 82 बी कंपनी, छठवीं बटालियन आरएसी भरतपुर। निवासी गांव चांदनी थाना शंकरा जोधपुर।
7. हरि सिंह पुत्र बेरिसाल सिंह, तत्कालीन हेड कांस्टेबल नंबर 596 ई कंपनी, छठवीं बटालियन आरएसी भरतपुर, निवासी ग्राम धीरा थाना डांचू, जोधपुर।
8. शेर सिंह पुत्र माधो सिंह, तत्कालीन कांस्टेबल नंबर 704, ई कंपनी, छठवीं बटालियन आरएसी भरतपुर, निवासी ग्राम निम्बारा थाना सुरपालिया जिला नागौर, राजस्थान।
9. छत्तर सिंह पुत्र लाल सिंह, तत्कालीन कांस्टेबल नंबर 772 ई कंपनी बटालियन आरएसी भरतपुर, निवासी ग्राम कटुकाला, थाना शेरगढ़ जिला जोधपुर राजस्थान।
10. पदमा राम पुत्र हीरा राम, तत्कालीन कांस्टेबल नंबर 605 ई कंपनी, छठवीं बटालियन, आरएसी भरतपुर। निवासी ग्राम सुखमंडला, थाना देचू, जिला जोधपुर, राजस्थान।
11. जगमोहन पुत्र बदन सिंह, तत्कालीन कांस्टेबल नंबर 784 ई कंपनी छठवीं बटालियन आरएसी भरतपुर, निवासी खाका वाली, थाना नगर जिला भरतपुर, राजस्थान।