बरसाना की लठामार होली दुनियाभर में प्रसिद्ध है। मंगलवार को राधारानी के गांव बरसाना में एक बार फिर द्वापरकालीन यह अनूठी परंपरा साकार हुई। पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे ग्वाल कमर में गुलाल की पोटली और हाथों में ढाल लेकर सोलह शृंगार से सजी-धजी हुरियारिनों की लाठियों के प्रहारों को रोक रहे थे। हंसी-ठिठोली कर नंदगांव के हुरियारे बरसाना की हुरियारिनों को उकसाते तो लाठियां और तेज ढालों पर पड़ने लगतीं। चारों ओर अबीर गुलाल के बादल छाए थे। लठामार होली के दौरान बरसाना परंपरा के अनूठे रंगों में सराबोर हो गया।
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हुरियारों पर पिचकारी से रंगों की बौछार करते बरसाना के लोग
- फोटो : अमर उजाला
नंदगांव के हुरियारे मंगलवार शाम करीब चार बजे सज-धजकर पीरी पोखर पर पहुंचे। यहां हुरियारों ने जमकर भांग ठंडाई पी। इसके बाद सभी हुरियारों की बरसाना के ग्वालों ने अगवानी की। पद गायन करते हुरियारे श्रीजी मंदिर प्रांगण पहुंचे। यहां नंदगांव बरसाना के समाजियों के बीच समाज गायन हुआ। इस दौरान बरसाना के लोग नंदगांव के हुरियारों पर टेसू के फूलों से बने रंगों की बरसात पिचकारियों से करते हैं। मंदिर परिसर में अबीर-गुलाल के सतरंगी बादल उमड़ने लगे। माहौल में रंगत आ गई। नंदगांव के लोग भी टेसू के रंग में सराबोर होने के लिए आतुर दिखे।
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लाठी लेकर खड़ी बरसाना की महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
समाज गायन के बाद हुरियारे संकरी गली रंगीली गली होते हुए वीआईपी चौक पर पहुंचे। घरों के द्वारों पर लाठी लेकर खड़ी हुरियारिनों से हुरियारों के दल ठिठोली करते बढ़े जा रहे थे। हुरियारिन भी नृत्य के दौरान इशारे कर अपनी प्रतिक्रिया दे रही थीं। समाज का आदेश मिलते ही लठामार होली शुरू हो गई। एक-एक हुरियारे पर चार से छ: हुरियारिन लाठियां बरसा रहीं थीं। हुरियारे भी मयूरी नृत्य कर लाठियों के प्रहारों को ढालों पर सह रहे थे।
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लाठियां बरसातीं हुरियारिन, ढाल से बचाव करते हुरियारे
- फोटो : अमर उजाला
करीब एक घंटे तक हुरियारों पर तड़ातड़ लाठियां बरसती रहीं। चारों ओर नंद के लाला और राधारानी के जयघोष गूज रहे थे। जयकारा लगने के बाद लठामार का समापन किया गया। इस दौरान हुरियारों ने हुरियारिनों के पैर छूकर ठिठोली के लिए क्षमायाचना मांगी। लठामार होली का ऐसा अनूठा आलम था कि इसे देखने को हर आंख लालायित नजर आ रही थी। अपने इष्ट की दिव्यलीला देखने के लिए इंद्रदेव भी लालायित नजर आए। इस दौरान मंद मंद फुहारों से लीला के सह नायक नायिकाओं का स्वागत किया।
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नंदगांव के हुरियारे
- फोटो : अमर उजाला
समूची राधा नगरी मंगलवार सुबह से ही उत्साह और उल्लास से लबरेज नजर आई। देश-दुनिया में विख्यात लठामार रंगीली होली का आनंद उठाने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु भक्त बरसाना पहुंचे। हालांकि कारोना के चलते दशकों बाद विदेशी पर्यटक नजर नहीं आए। गत वर्षों की बात करें तो अमेरिका, जर्मनी, जापान समेत दर्जनों देशों के श्रद्धालु लठामार होली देखने पहुंचे थे। वैश्विक माहमारी कोरोना के चलते इस बार ऐसा नहीं दिखा।