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वृंदावन कुंभ बैठक: तीनों अनी व सभी अखाड़ों के संत-महंतों ने किया महामंडलेश्वर का पदाभिषेक
Mon, 08 Mar 2021 12:03 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 08 Mar 2021 12:03 AM IST
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महामंडलेश्वर बने पद्मनाभ शरण महाराज
- फोटो : अमर उजाला
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कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक के निर्मोही अनी अखाड़े में रविवार को जगद्गुरु निम्बार्काचार्य श्री राधा सर्वेश्वर शरण देवाचार्य के विरक्त शिष्य पद्मनाभ शरण देवाचार्य का महामंडलेश्वर की उपाधि से पदाभिषेक किया गया। खालसे का नाम श्रीसवेरश्वरशरण निम्बार्क सेवा धाम रखा गया। रविवार को प्रात:काल तीनों अनी और सभी अखाड़ों के श्रीमहंत व संतों द्वारा महामंडलेश्वर बनाने से पूर्व सभी अखाड़ों के निशान व चिन्हों की पूजा की गई। शुभारंभ हनुमान जी के पूजन अर्चन से हुआ। पूजन की यह प्रक्रिया शरदबिहारी गौड़ सरदार, लाल पहलवान सुभाष, मयंक गोपाल गौड़ सरदार, पवन गौड़ सरदार ने कराई।
वृंदावन कुंभ मेले में श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
अखिल भारतीय निर्मोही अनी अखाड़ा के श्रीमहंत राजेंद्र दास महाराज, दिगंबर अनी अखाड़ा के श्रीमहंत रामकृष्ण दास महाराज, निर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत धर्मदास महाराज, निम्बार्काचार्य के ट्रस्टी बनवारी शरण, वृंदावन दास, रसिक मोहन चंद्र शास्त्री, मोहिनी शरण महाराज, गोवर्धन श्रीराधा दामोदर सेवाश्रम के महंत महामंडलेश्वर डॉ. सांवरिया बाबा महाराज सहित वृंदावन कुंभ प्रवक्ता अनंत रामानंदाचार्य महाराज आदि मौजूद रहे।
वृंदावन कुंभ में पहुंचे शंकराचार्य अधोक्षजानंद
- फोटो : अमर उजाला
वृंदावन कुंभ में पहुंचे शंकराचार्य अधोक्षजानंद
गोवर्धनपुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अधोक्षजानंद देवतीर्थ महाराज रविवार को वृंदावन में चल रही वैरागी संतों की बैठक में पहुंचे। निर्वाणी अखाड़े के श्रीमहंत धर्मदास और निर्मोही अखाड़े के सर्वरा श्रीमहंत राजेंद्र दास के नेतृत्व में अनी अखाड़ों के संत-महात्माओं ने जगद्गुरु शंकराचार्य का स्वागत किया। इस दौरान शंकराचार्य देवतीर्थ ने संतों के साथ गाय, गंगा और गीता समेत विभिन्न धार्मिक विषयों और देश के प्रमुख ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। धार्मिक मूल्यों पर जोर देते हुए जगद्गुरु ने कहा कि संतों को देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में जाकर वहां हो रही धर्म विरुद्ध गतिविधियों को रोकना चाहिए। चर्चा के दौरान शंकराचार्य देवतीर्थ और तीनों अनी अखाड़ों के महंतों ने कोरोना काल में भी प्रयागराज माघ मेला और वृंदावन बैठक को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया। संतों ने उत्तराखंड सरकार और हरिद्वार जिला प्रशासन के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि कुंभ की तैयारियों को तत्काल पूरा करके संत-महात्माओं के शिविर के लिए वहां जमीन का आवंटन जल्दी किया जाना चाहिए। वृंदावन में जुटे हजारों संत इसके बाद हरिद्वार के लिए प्रस्थान करेंगे।
गोवर्धनपुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अधोक्षजानंद देवतीर्थ महाराज रविवार को वृंदावन में चल रही वैरागी संतों की बैठक में पहुंचे। निर्वाणी अखाड़े के श्रीमहंत धर्मदास और निर्मोही अखाड़े के सर्वरा श्रीमहंत राजेंद्र दास के नेतृत्व में अनी अखाड़ों के संत-महात्माओं ने जगद्गुरु शंकराचार्य का स्वागत किया। इस दौरान शंकराचार्य देवतीर्थ ने संतों के साथ गाय, गंगा और गीता समेत विभिन्न धार्मिक विषयों और देश के प्रमुख ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। धार्मिक मूल्यों पर जोर देते हुए जगद्गुरु ने कहा कि संतों को देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में जाकर वहां हो रही धर्म विरुद्ध गतिविधियों को रोकना चाहिए। चर्चा के दौरान शंकराचार्य देवतीर्थ और तीनों अनी अखाड़ों के महंतों ने कोरोना काल में भी प्रयागराज माघ मेला और वृंदावन बैठक को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया। संतों ने उत्तराखंड सरकार और हरिद्वार जिला प्रशासन के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि कुंभ की तैयारियों को तत्काल पूरा करके संत-महात्माओं के शिविर के लिए वहां जमीन का आवंटन जल्दी किया जाना चाहिए। वृंदावन में जुटे हजारों संत इसके बाद हरिद्वार के लिए प्रस्थान करेंगे।
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अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सम्मानित हुए लोग
- फोटो : अमर उजाला
वृंदावन कुंभ में रविवार को आयोजित अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ब्राह्मणों में एकता, कर्मठता के लिए अनेक प्रस्तावों पर विचार किए गए। बैठक की अध्यक्षता महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष पंडित महेश चंद्र शर्मा ने की। बैठक में सर्वप्रथम जम्मू-कश्मीर मैं ब्राह्मणों के साथ हुए अत्याचार और ब्राह्मण बालिकाएं पुर्नविवाह का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया।
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वृंदावन में सेल्फी खींचते श्रद्धालु
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संगठन के महामंत्री तरुण मिश्रा ने कहा कि महासभा ब्राह्मणों के हित के लिए कार्य कर रही और करती रहेगी। संगठन मंत्री विशन कौशिक एवं रामनरेश प्रयागराज ने कहा कि ब्राह्मणों को संपूर्ण ब्राह्मणों के हित के लिए कार्य करना चाहिए। प्रांतीय अध्यक्ष रमेश दत्त शर्मा एवं नगर पालिका पूर्व चेयरमैन मुकेश गौतम ने कहा कि ब्राह्मण सदैव सर्व समाज को मार्गदर्शन कराने का कार्य करता रहा है। नगर अध्यक्ष आचार्य रामविलास चतुर्वेदी ने कुंभ शिविर की जानकारी दी। प्रदेश अध्यक्ष पंडित पीतांबर दत्त शर्मा ने मथुरा को ब्रज तीर्थ क्षेत्र घोषित कराने का प्रस्ताव रखा। राष्ट्रीय प्रवक्ता पंडित बिहारीलाल वशिष्ठ को महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से सम्मानित किया गया। जिला अध्यक्ष पंडित राजेश शर्मा, पंडित सोहनलाल कातिल, रामदेव शास्त्री, नवीन कुमार शर्मा, महेश कुमार शुक्ला, डॉ. विनोद शर्मा, महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष दिग्विजय दीक्षित, राधेश्याम उषा शर्मा आदि मौजूद रहे।