कासगंज जिले के थाना सिढ़पुरा क्षेत्र में हुई सिपाही देवेंद्र सिंह की हत्या के मामले में घायल दरोगा अशोक कुमार सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें शराब माफिया मुख्य आरोपी मोती, उसके भाई एलकार को नामजद किया गया है, जबकि छह अन्य अज्ञात लोग वारदात में शामिल रहे हैं। पुलिस ने बलवा, अपहरण, जानलेवा हमला, हत्या, लूट सहित गंभीर धाराओं में मामला पंजीकृत किया है।
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कासगंज हत्याकांड: यहीं पर हुई थी पुलिसकर्मियों से बर्बरता
- फोटो : अमर उजाला
अलीगढ़ के अस्पताल में भर्ती घायल दरोगा अशोक कुमार ने बताया है कि वह कांस्टेबल देवेंद्र सिंह के साथ शांति व्यवस्था एवं वांछित अपराधी की तलाश में निकले थे। तभी नगला धीमर के पास उन्हें सूचना मिली कि कालीनदी के पास खादर में शराब माफिया मोती अवैध शराब बना रहा है। अन्य लोग भी उसके साथ हैं।
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कासगंज हत्याकांड: यहीं पर हुई थी पुलिसकर्मियों से बर्बरता
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मंगलवार की शाम तकरीबन 5:30 बजे दरोगा और सिपाही मौके पर पहुंचे तो वहां पर मोती, एलकार व छह अन्य लोग कच्ची शराब बना रहे थे। आरोपियों ने चारों ओर से उन्हें घेर लिया। तमंचे से फायरिंग की गई। लाठी-डंडे और भालों से हमला किया गया।
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कासगंज हत्याकांड: कटरी में कॉम्बिंग करती पुलिस फोर्स
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भाले से हमले और मारपीट के बाद मरणासन्न हालत में छोड़कर आरोपी भाग गए। दरोगा की सरकारी पिस्टल और कारतूस भी ले गए। तहरीर में पूरा घटनाक्रम दर्शाते हुए आरोपी मोती और एलकार को नामजद किया है, जबकि छह लोग अज्ञात हैं। आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें कटरी में कॉम्बिंग कर रही हैं।
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कासगंज कांड: मुठभेड़ में आरोपी एलकार ढेर
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पुलिस ने सिपाही देवेंद्र सिंह की शहादत का बदला 12 घंटे में ले लिया। काली नदी की कटरी में मुठभेड़ के दौरान नामजद शराब माफिया एलकार पुलिस की फायरिंग में मारा गया। दबिश के दौरान एलकार ने पुलिस पार्टी पर गोलियां दागी तो पुलिस को भी फायरिंग करनी पड़ी थी।