शराब माफिया और उसके गुर्गों को पुलिस का कोई खौफ ही नहीं था, देवेंद्र और मैं पहुंचे तो उन पर कोई असर ही नहीं हुआ, हम डरे नहीं और आगे बढ़ते रहे तो हमें घेरा बनाकर पकड़ लिया गया, फिर तमंचों की बटों, लोहे की रॉड, लाठी-डंडों से पीटा, इसके बाद भाले से वार किया..। कासगंज जिले में गंगा नदी की कटरी के गांव नगला धीमर में हुई वारदात की खौफनाक दास्तान को बताता यह बयान है घायल दरोगा अशोक सिंह का। दरोगा अशोक सिंह मंगलवार शाम को सिपाही देवेंद्र सिंह के साथ अवैध शराब की सूचना पर कार्रवाई करने गए थे। इसी दौरान उन पर हमला किया गया। इसमें सिपाही देवेंद्र सिंह शहीद हो गए।
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कासगंज हत्याकांड: 'वर्दी उतरवाई, पेड़ से बांधकर पीटा, भाले घोंपे', घायल दरोगा ने बयां की खौफनाक दास्तान
Thu, 11 Feb 2021 10:07 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा/कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा/कासगंज
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 11 Feb 2021 10:07 AM IST
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कासगंज हत्याकांड: घायल दरोगा अशोक कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज हत्याकांड: यहीं पर हुई थी पुलिसकर्मियों से बर्बरता
- फोटो : अमर उजाला
अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायल दरोगा अशोक ने अस्पताल ले जाए जाते समय पुलिस को बताया कि नगला धीमर में कच्ची शराब बनाई जा रही थी। यह देख वे आगे बढ़ गए। शराब माफिया मोती का अड्डा भी यही है। उसके गुर्गे आ गए। उन्होंने पूछा कि यहां आने की हिम्मत कैसे हुई। उनसे कहा कि पुलिसवाले हैं, तमीज से बात करो। वहां पर मोती और उसका भाई एलकार सिंह भी मौजूद था। उन्होंने ही हमले का इशारा किया। इसके बाद तो उनके गुर्गों ने घेरा बना लिया, हम बीच में थे। देखते ही देखते हथियार आ गए और उन्होंने हमला कर दिया।
कासगंज हत्याकांड: घटनास्थल पर पड़ी पुलिस की वर्दी और बाइक
- फोटो : अमर उजाला
वर्दी उतरवाई, पेड़ से बांधकर पीटा
मोती ने कहा कि ये अड्डे तक आए हैं, यह हिम्मत इनकी खुद की नहीं, इस वर्दी की है, पहले इसे उतरवाओ। गुर्गों ने वर्दी उतरवा दी। इसके बाद दोनों को पेड़ से बांध दिया और फिर बेरहमी से पीटा। वे चीखे लेकिन माफिया और गुर्गों के अलावा कोई और सुनने वाला नहीं था।
मोती ने कहा कि ये अड्डे तक आए हैं, यह हिम्मत इनकी खुद की नहीं, इस वर्दी की है, पहले इसे उतरवाओ। गुर्गों ने वर्दी उतरवा दी। इसके बाद दोनों को पेड़ से बांध दिया और फिर बेरहमी से पीटा। वे चीखे लेकिन माफिया और गुर्गों के अलावा कोई और सुनने वाला नहीं था।
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कासगंज हत्याकांड: घायल दरोगा अशोक कुमार, शहीद सिपाही देवेंद्र सिंह का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मोती ने कहा था- मारो और लाश छिपा दो
जब गुर्गे हमें पीट रहे थे, तब शराब माफिया मोती ने कहा कि इन्हें इतना पीटो की मर जाएं और ध्यान रखना, लाश को यहां मत छोड़ना। नदी में बहा दो या कहीं और छिपा दो, पुलिस को लाश नहीं मिलनी चाहिए।
जब गुर्गे हमें पीट रहे थे, तब शराब माफिया मोती ने कहा कि इन्हें इतना पीटो की मर जाएं और ध्यान रखना, लाश को यहां मत छोड़ना। नदी में बहा दो या कहीं और छिपा दो, पुलिस को लाश नहीं मिलनी चाहिए।
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कासगंज हत्याकांड: यहीं पर हुई थी पुलिसकर्मियों से बर्बरता
- फोटो : अमर उजाला
लगा था नहीं बचेगी जान
शराब माफिया के हमले के शिकार दरोगा अशोक कुमार की हालत स्थिर है, मगर नाजुक बनी हुई है। ऑक्सीजन सपोर्ट पर होने के कारण वे बहुत ज्यादा बात तो नहीं कर पा रहे, मगर सिर हिलाकर या हां-ना में टूटे-फूटे जवाब देकर अपने साथ घटित खौफनाक मंजर को बयान कर सिहर उठते हैं। वे बस इतना बताते हैं, जो हुआ, उसमें उन्हें नहीं लगता था कि जान बच पाएगी। ईश्वर ने ही दूसरा जीवन दिया है। हमलावर भी उन्हें मृत समझकर छोड़कर भाग गए थे।
शराब माफिया के हमले के शिकार दरोगा अशोक कुमार की हालत स्थिर है, मगर नाजुक बनी हुई है। ऑक्सीजन सपोर्ट पर होने के कारण वे बहुत ज्यादा बात तो नहीं कर पा रहे, मगर सिर हिलाकर या हां-ना में टूटे-फूटे जवाब देकर अपने साथ घटित खौफनाक मंजर को बयान कर सिहर उठते हैं। वे बस इतना बताते हैं, जो हुआ, उसमें उन्हें नहीं लगता था कि जान बच पाएगी। ईश्वर ने ही दूसरा जीवन दिया है। हमलावर भी उन्हें मृत समझकर छोड़कर भाग गए थे।