कासगंज जिले में पुलिस टीम पर हमला कर सिपाही की हत्या करने वाला मुख्य आरोपी मोती सिंह रविवार तड़के मुठभेड़ में मारा गया। उसके मारे जाने की खबर मिलते ही शहीद सिपाही देवेंद्र सिंह के परिजनों के कलेजे को ठंडक मिल गई। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जाहिर किया और कहा कि ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
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कासगंज कांड: शहीद सिपाही देवेंद्र सिंह
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सिपाही देवेंद्र सिंह आगरा के गांव नगला बिंदू के रहने वाले थे। उनकी तैनाती कासगंज जिले के थाना सिढ़पुरा में थी। नौ फरवरी की शाम थाने के दरोगा अशोक कुमार सिंह और सिपाही देवेंद्र गांव नगला धीमर और नगला भिकारी में अवैध शराब की सूचना पर दबिश देने गए थे। वहां शराब माफिया ने हमला कर देवेंद्र की हत्या कर दी थी। हमले में दरोगा गंभीर रूप से घायल हुए थे।
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कासगंज हत्याकांड: शहीद सिपाही देवेंद्र सिंह की मासूम बेटियां
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सिपाही देवेंद्र के पिता महावीर सिंह किसान हैं। वह उनके इकलौते थे। ग्रामीणों ने बताया कि देवेंद्र की शादी 2016 में चंचल से हुई थी। पति की मौत की खबर से पत्नी को गहरा सदमा लगा। उनकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी वैष्णवी तीन साल की, जबकि छोटी बेटी महज एक महीने की है। देवेंद्र की शहादत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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कासगंज हत्याकांड: शहीद की अंतिम विदाई की तस्वीरें
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रविवार सुबह जब परिवार के लोगों को सिपाही की हत्या के मुख्य आरोपी मोती के मरने की सूचना मिली तो उनके कलेजे को ठंडक मिली। शहीद के पिता महावीर सिंह ने कहा कि उनके बेटे ने फर्ज के खातिर अपनी जान न्यौछावर की थी। पुलिस ने आज उसकी शहादत का बदला ले लिया। वह इस कार्रवाई से संतुष्ट हैं। उनका कहना है कि हर अपराधी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
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कासगंज एनकाउंटर: मुठभेड़ में मारा गया मुख्य आरोपी मोती
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कासगंज पुलिस ने रविवार तड़के करीब तीन बजे मुख्य आरोपी शराब माफिया मोती को मुठभेड़ में मार गिराया। मुठभेड़ सिढ़पुरा क्षेत्र में गंगा और काली नदी के खादर में हुई। आरोपी मोती पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उसका एक भाई एलकार कासगंज कांड के 12 घंटे बाद ही मारा गया था। चार आरोपियों को पुलिस जेल भेज चुकी है। अन्य की तलाश है।