वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की मंगला आरती के समय हुए हादसे को लेकर खुफिया विभाग भी सक्रिय हो गया है। हादसे से संबंधित सभी तथ्यों को जुटाया जा रहा है। कहां भूल हुई और हादसे के कारणों की रिपोर्ट तैयार कर शासन और केंद्र को भेजी गई है। इस रिपोर्ट में प्रशासनिक चूक होना बताया गया है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती के समय भगदड़ के दौरान महिला और पुरुष श्रद्धालु की जान चली गई, जबकि पचास से अधिक लोग घायल हुए। इनमें 7 गंभीर रूप से घायल हुए थे। जिस वक्त यह हादसा हुआ उस समय डीएम, एसएसपी और नगर आयुक्त परिवार के साथ मंदिर की दूसरी मंजिल पर गलियारे में मौजूद थे और वीडियो बना रहे थे। हादसे के बाद आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) ने केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। सूत्रों के अनुसार इस रिपोर्ट में आईबी ने प्रशासनिक लापरवाही को हादसे का कारण माना है। वहीं हादसे के दौरान अधिकारियों द्वारा वीडियो बनाए जाने को उनकी सबसे बड़ी कमी बताया गया है।
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बांकेबिहारी मंदिर से निकलते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
सूत्र बताते हैं कि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में वर्ष में एक बार मंगला आरती होती है। इस मंगला आरती के दौरान होने वाली भीड़ के बारे में प्रशासन और पुलिस के अधिकारी सही आंकलन ही नहीं कर सके। निकास और प्रवेश गेटों से आने और जाने वाली भीड़ को कंट्रोल करने में भी चूक हुई।
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बांकेबिहारी मंदिर में हादसा
- फोटो : अमर उजाला
निकास गेट से लोगों के प्रवेश दिए जाने के साथ उस वक्त एक अधिकारी द्वारा अपने परिवार के साथ वीआईपी गैलरी में दर्शन कराए जाने का भी रिपोर्ट में जिक्र किया गया है। वहीं रिपोर्ट में हादसे के दौरान मंदिर की ऊपरी मंजिल के गेट बंद करने के साथ गेट नंबर पांच को किन हालातों में बंद किया गया, इसे भी शामिल किया गया है।
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बांकेबिहारी मंदिर में मौजूद पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
रिपोर्ट में यह भी शामिल किया गया है कि जिला प्रशासन और पुलिस मंगला आरती से पहले आने वाले लोगों की भीड़ का अंदाजा नहीं लगा सकी।
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
इधर एलआईयू (स्थानीय अभिसूचना इकाई) ने भी शासन को अपनी रिपोर्ट भेजी है। इस रिपोर्ट में भीड़ को एक साथ प्रवेश दिए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। कहा गया है कि अगर भीड़ को नियंत्रित कर टुकड़ों में भेजा गया होता तो शायद हादसे को रोका जा सकता था।