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संजलि हत्याकांडः जेल की सलाखों में रहेंगे अभी हत्यारोपी, ऐसे हुई थी छात्रा की खौफनाक हत्या
Sun, 08 Mar 2020 03:43 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 08 Mar 2020 03:43 PM IST
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छात्रा संजलि का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में मलपुरा के गांव लालऊ में हुई छात्रा संजलि की हत्या के एक आरोपी आकाश को कोर्ट से जमानत नहीं मिल सकी। उसने दूसरी बार कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था।
संजलि के बाद अब रहनुमा की हत्या
बता दें कि घटना 18 दिसंबर, 2018 को हुई थी। मलपुरा के गांव लालऊ की रहने वाली संजलि (15) पुत्री हरेंद्र सिंह को लालऊ गांव के पास बाइक पर आए दो लोगों ने पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। संजलि की दिल्ली में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके कुछ देर बाद ही संजलि के ताऊ के बेटे योगेश ने जहर खाकर जान दे दी थी।
संजलि हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने एक सप्ताह बाद हत्याकांड का खुलासा किया था। पुलिस ने बताया था कि हत्याकांड को योगेश ने अंजाम दिया। इसमें उसके दो रिश्तेदार शामिल थे। एक उसके मामा का बेटा विजय पुत्र राजकुमार निवासी कलवारी, जगदीशपुर और दूसरा विजय की बहन का देवर आकाश पुत्र विज्जो निवासी मनिया, मलपुरा थे।
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संजलि हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी आकाश ने दूसरी बार जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। उसने कहा कि वह जमानत राशि नकद में जमा करने के लिए तैयार है। उसका नाम न तो एफआईआर में है और न ही संजलि ने मृत्यु पूर्व बयान में लिया है।
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छात्रा संजलि
- फोटो : अमर उजाला
कोर्ट ने कहा कि केस कोर्ट में विचारण पर है। अभियोजन की ओर से 15 गवाह पेश किए जा चुके हैं। बाकी का बयान अंकित किया जाना रह गया है। अपराध की प्रकृति, गंभीरता, दंड की कठोरता, अभियुक्त की भूमिका, संलिप्तता और अपराध से संबंधित तथ्य को देखते हुए जमानत का पर्याप्त आधार नहीं है। इसलिए जमानत प्रार्थना पत्र खारिज किया जाता है।