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Mathura: 36 घंटे बाद भी नहीं हो सकी युवती की पहचान, ट्रॉली बैग में खून से लथपथ मिली थी लाश
Sun, 20 Nov 2022 01:27 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 20 Nov 2022 01:27 PM IST
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा के राया क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे के सर्विस रोड पर ट्रॉली बैग में मिले युवती के शव की पहचान 36 घंटे बाद भी नहीं सकी है। सीओ महावन आलोक सिंह ने बताया कि पुलिस की आठ टीमें युवती की पहचान में जुटी हुई हैं। ये टीमें गुरुग्राम, आगरा, अलीगढ़, हाथरस, नोएडा और दिल्ली तक पहुंची हैं। सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जा रहा है, लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ कुछ भी ऐसा नहीं लगा, जिससे युवती की पहचान हो सके।
ट्रॉली बैग में मिली थी युवती की लाश
- फोटो : अमर उजाला
18 नवंबर की सुबह 11 बजे यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर कृषि अनुसंधान केंद्र के पास झाड़ियों में लाल रंग के ट्रॉली बैग में खून से लथपथ युवती का शव मिला था। उसकी गोली मारकर हत्या करने के बाद ट्रॉली बैग में पैक करके शव को फेंका गया था। शव मिलने से लेकर शनिवार तक सर्विलांस की टीम करीब 20 हजार मोबाइल फोन ट्रेस कर चुकी है। इन मोबाइलों की लोकेशन भी सर्विलांस की टीम खंगाल रही है।
घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर, जाबरा टोल, खंदौली टोल के अलावा हाथरस, अलीगढ़ और मथुरा आने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली हैं। सीओ आलोक सिंह ने बताया कि पुलिस की आठ टीमें जांच में जुटी हैं। जल्द ही मृतका की पहचान होने के बाद हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।
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ट्रॉली बैग से मिली थी लाश और लाल साड़ी
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली एनसीआर, अलीगढ़ और हाथरस में पुलिस की टीमों ने जगह-जगह मृतका के पोस्टर भी लगवाए हैं। पहचान न होने के चलते पुलिस की यह टीमें जुटी हुई हैं। इसके अलावा अलीगढ़, हाथरस और कानपुर से भी लापता बेटियों के लिए परिजन थाना राया पहुंचे। यहां पर फोटो और पोस्टमार्टम पर पहुंचकर युवती के शव को देखा लेकिन पहचान न होने पर लौट गए।
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कार्यवाहक एसएसपी मार्तंड प्रकाश सिंह
- फोटो : अमर उजाला
कार्यवाहक एसएसपी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि पहले पुलिस की पांच टीमें पहचान के लिए लगाई गई थीं। इनमें थाना राया की तीन टीमें, बलदेव पुलिस, सर्विलांस की टीम जुटी हुई थीं। शनिवार को एसओजी, स्वॉट और कोसीकलां पुलिस की टीम को भी पहचान के लिए लगा दिया गया है। अब आठ टीमें पहचान के लिए जुटी हुई हैं।