जम्मू कश्मीर के शेपियां में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हुए जवान रामवीर शनिवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। तीन साल के बेटे शिवा ने शहीद पिता की चिता को मुखाग्नि दी। पत्नी नीतू ने सैल्यूट कर शहीद को अंतिम विदाई दी। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ा। हर आंख नम थी। हाथ में तिरंगा लिए हर कोई भारत माता की जय और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगा रहा था।
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शहीद पति को देखकर बिलखती पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
तिरंगे में लिपटे शहीद रामवीर सिंह को देखकर मां कृष्णा और पत्नी नीतू का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार की महिलाओं ने इन दोनों को हिम्मत बंधाई लेकिन जिसका अपना चला जाए उसे भला कौन संभाल सकता है। रामवीर सिंह की शादी वर्ष 2012 में छाता निवासी नीतू के साथ हुई थी। इनके दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा तीन साल का शिवा है और छह माह का आदित्य है
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शहीद के अंतिम दर्शन को उमड़े लोग
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शाम करीब चार बजे सेना के जवान शहीद रामवीर के शव को लेकर बठैन गेट पहुंचे। यहां हजारों की संख्या में लोग हाथ में तिरंगा लिए खड़े थे। यहां से बठैन कलां से बठैन खुर्द होते हुए गांव हुलवाना तक शहीद के अंतिम यात्रा में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
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शहादत को सलाम
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शहीद की अंतिम यात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा की गई। शहीद रामवीर का शव जैसे ही घर पहुंचा पत्नी नीतू ने सैल्यूट और हाथ जोड़कर पति को सलामी दी। शहीद की अंतिम यात्रा के दौरान भाई रामवीर अमर रहे के जयघोष गूंजते रहे। जाट रेजिमेंट की टुकड़ी ने उन्हें सलामी दी।
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शहीद के अंतिम दर्शन को उमड़े लोग
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शहीद रामवीर के तीन साल के बेटे शिवा को गोद में लेकर कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने मुखाग्नि दिलवाई। इस मौके पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, मांट क्षेत्र के विधायक श्याम सुंदर शर्मा, पूर्व मंत्री तेजपाल सिंह आदि मौजूद थे।