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यूपी: आंसुओं ने पलट दी बाजी! सपा प्रत्याशी आकाश को ऐसे ही नहीं मिली जीत, इसके पीछे की वो वजह; जिसे जानना जरूरी
सार
सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने चुनाव के दौरान मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पर सवाल उठाए, वहीं विभिन्न चरणों में राजनीतिक तनाव भी देखने को मिला। विवादों के बीच उनकी जीत और प्रमाणपत्र सौंपे जाने तक के घटनाक्रम ने आगरा शिक्षक एमएलसी चुनाव को चर्चा में बनाए रखा।
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आकाश अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
एमएलसी चुनाव में इस बार एक नाम सबसे अधिक चर्चा में रहा, वह हैं डाॅ. आकाश अग्रवाल। आगरा खंड शिक्षक एमएलसी सीट पर पिछली बार निर्दलीय के रूप में जीत हासिल करने वाले आकाश के सिर इस बार समाजवादी पार्टी की टिकट पर जीत का सेहरा बंधा है। लेकिन चुनाव की घोषणा से जीत तक का सफर आकाश के लिए आसान नहीं रहा। आइए जानते हैं आकाश के संघर्ष की पूरी कहानी...
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आगरा एमएलसी चुनाव मतगणना
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भाजपा ने उतार दी थी संगठन की पूरी फाैज
आकाश के सामने थे भाजपा के हरिकिशोर तिवारी। हरिकिशोर तिवारी के साथ भाजपा के संगठन की पूरी ताकत थी। मंत्री, सांसद, विधायक से लेकर आम कार्यकर्ता तक सभी भाजपा प्रत्याशी की जीत के लिए मैदान में उतर चुके थे। चुनावी मुकाबले में इन सबको कड़ी चुनाैती मिल रही थी तो निवर्तमान एमएलसी डाॅ. आकाश अग्रवाल से, जो चंद दिनों पहले ही समाजवादी पार्टी में शामिल हुए थे। चुनावी माहाैल चरम पर था। सभी राजनीतिक दल अपने प्रचार और तैयारियों में जुटे थे। फिर दिन आया मतदान का। 23 अक्तूबर को प्रदेश में कड़ी सुरक्षा के बीच एमएलसी चुनाव का मतदान शुरू हुआ। आगरा में भी वोट डाले जा रहे थे। लेकिन, इस बीच ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने आकाश अग्रवाल को सुर्खियों में ला दिया। दोपहर बाद आकाश अग्रवाल कमिश्नरी कार्यालय पहुंचे। यहां मीडिया के सामने अपनी बात कहते हुए रो पड़े।
आकाश के सामने थे भाजपा के हरिकिशोर तिवारी। हरिकिशोर तिवारी के साथ भाजपा के संगठन की पूरी ताकत थी। मंत्री, सांसद, विधायक से लेकर आम कार्यकर्ता तक सभी भाजपा प्रत्याशी की जीत के लिए मैदान में उतर चुके थे। चुनावी मुकाबले में इन सबको कड़ी चुनाैती मिल रही थी तो निवर्तमान एमएलसी डाॅ. आकाश अग्रवाल से, जो चंद दिनों पहले ही समाजवादी पार्टी में शामिल हुए थे। चुनावी माहाैल चरम पर था। सभी राजनीतिक दल अपने प्रचार और तैयारियों में जुटे थे। फिर दिन आया मतदान का। 23 अक्तूबर को प्रदेश में कड़ी सुरक्षा के बीच एमएलसी चुनाव का मतदान शुरू हुआ। आगरा में भी वोट डाले जा रहे थे। लेकिन, इस बीच ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने आकाश अग्रवाल को सुर्खियों में ला दिया। दोपहर बाद आकाश अग्रवाल कमिश्नरी कार्यालय पहुंचे। यहां मीडिया के सामने अपनी बात कहते हुए रो पड़े।
आकाश अग्रवाल
- फोटो : वीडियो ग्रेब
'तो क्या आंसुओं ने बदल दी कहानी'
आकाश ने मतदान में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके समर्थकों को परेशान किया जा रहा है। मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी की गई है। खेरागढ़ में पीठासीन अधिकारी द्वारा जब खाना खाया गया तो सभी को बाहर निकाल दिया गया। छाता बूथ भी लूटने का आरोप लगाया। अधिकारियों पर कार्यकर्ताओं से अभद्रता और परेशान करने का आरोप लगाया। आकाश अग्रवाल ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि मैं पाकिस्तान से आया कोई आतंकवादी हूं। सपा प्रत्याशी ने कहा कि मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है। मैं ऐसे सनातन में रहना नहीं चाहता हूं। इस दाैरान सपा प्रत्याशी फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने कहा कि वह लखनऊ की शाही ईदगाह में जाकर धर्म परिवर्तन कर लेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें हार जीत से कोई फर्क नहीं पड़ता है। मैं आजाद भारत में रह रहा हूं। मैं किस पार्टी से चुनाव लड़ूंगा और किससे नहीं लड़ूंगा, इसका फैसला मैं करूंगा। इतना ही कहना चाहूंगा कि अभी भी बूथ कैप्चरिंग हो रही है।
आकाश ने मतदान में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके समर्थकों को परेशान किया जा रहा है। मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी की गई है। खेरागढ़ में पीठासीन अधिकारी द्वारा जब खाना खाया गया तो सभी को बाहर निकाल दिया गया। छाता बूथ भी लूटने का आरोप लगाया। अधिकारियों पर कार्यकर्ताओं से अभद्रता और परेशान करने का आरोप लगाया। आकाश अग्रवाल ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि मैं पाकिस्तान से आया कोई आतंकवादी हूं। सपा प्रत्याशी ने कहा कि मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है। मैं ऐसे सनातन में रहना नहीं चाहता हूं। इस दाैरान सपा प्रत्याशी फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने कहा कि वह लखनऊ की शाही ईदगाह में जाकर धर्म परिवर्तन कर लेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें हार जीत से कोई फर्क नहीं पड़ता है। मैं आजाद भारत में रह रहा हूं। मैं किस पार्टी से चुनाव लड़ूंगा और किससे नहीं लड़ूंगा, इसका फैसला मैं करूंगा। इतना ही कहना चाहूंगा कि अभी भी बूथ कैप्चरिंग हो रही है।
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डाॅ. आकाश अग्रवाल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ आंसुओं का वीडियो
मीडिया के कैमरों के सामने फूट-फूटकर रोते हुए अपनी बात कहने वाले आकाश का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। आम लोगों से लेकर राजनीतिक दलों ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। इस बीच प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने भी सपा प्रत्याशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी आकाश अग्रवाल के समर्थन में बयान देते हुए भाजपा और प्रशासन को आड़े हाथों लिया।
मीडिया के कैमरों के सामने फूट-फूटकर रोते हुए अपनी बात कहने वाले आकाश का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। आम लोगों से लेकर राजनीतिक दलों ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। इस बीच प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने भी सपा प्रत्याशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी आकाश अग्रवाल के समर्थन में बयान देते हुए भाजपा और प्रशासन को आड़े हाथों लिया।
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सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
सही साबित हुए मतदान में धांधली के आरोप
सपा प्रत्याशी के मतदान में धांधली के आरोपों पर मुहर तब लगी, जब चुनाव आयोग की ओर से तीन बूथों पर दोबारा मतदान कराने का फैसला किया गया। लापरवाही के आरोप में चुनाव आयोग ने दो सेक्टर मजिस्ट्रेट समेत छह कर्मी को निलंबित करने का आदेश दिया। दोबारा मतदान को लेकर 26 अक्तूबर को एक बार फिर राजनीतिक दलों के रणबांकुरे मतदान केंद्रों के बाहर मोर्चा संभाले हुए थे। लेकिन, इस बार तस्वीर अलग थी। पुलिस और प्रशासन की सख्ती चरम पर थी। भाजपा और सपा के कार्यकर्ताओं में छिटपुट कहासुनी और टकराव के बीच मतदान संपन्न हुआ। प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटिकाओं में बंद था और अब सभी को इंतजार 27 अक्तूबर को मतगणना का था।
सपा प्रत्याशी के मतदान में धांधली के आरोपों पर मुहर तब लगी, जब चुनाव आयोग की ओर से तीन बूथों पर दोबारा मतदान कराने का फैसला किया गया। लापरवाही के आरोप में चुनाव आयोग ने दो सेक्टर मजिस्ट्रेट समेत छह कर्मी को निलंबित करने का आदेश दिया। दोबारा मतदान को लेकर 26 अक्तूबर को एक बार फिर राजनीतिक दलों के रणबांकुरे मतदान केंद्रों के बाहर मोर्चा संभाले हुए थे। लेकिन, इस बार तस्वीर अलग थी। पुलिस और प्रशासन की सख्ती चरम पर थी। भाजपा और सपा के कार्यकर्ताओं में छिटपुट कहासुनी और टकराव के बीच मतदान संपन्न हुआ। प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटिकाओं में बंद था और अब सभी को इंतजार 27 अक्तूबर को मतगणना का था।