आगरा में बोदला चौकी के पास स्थित टीआरएस मॉल में बिल्डर राजीव गुप्ता को गोली मारने के आरोपी साझीदार अशोक तोमर को पुलिस ने शुक्रवार को जेल भेज दिया। उसकी लाइसेंसी रिवाल्वर को जब्त कर लिया है। पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे रुपयों के हिसाब का विवाद है। इसको लेकर दोनों साझीदारों के बीच दीवानी में विवाद हुआ। फिर मैरिज होम पर भी झगड़ा हो गया। तीसरी बार अशोक तोमर ने माल में आकर तीन गोलियां चर्लाईं। उधर, घायल बिल्डर की हालत स्थिर बनी है।
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बिल्डर पर हमला: इस तरह 25 साल की दोस्ती बदली दुश्मनी में, दीवानी और मैरिज होम में झगड़े के बाद आफिस में मारी थी गोली
Sat, 16 Jul 2022 06:39 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 16 Jul 2022 06:39 AM IST
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घायल बिल्डर की हालत गंभीर
- फोटो : अमर उजाला
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मॉल के बाहर खड़ी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी अशोक तोमर को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी की लाइसेंसी रिवाल्वर को जब्त कर लिया है। उससे तीन गोलियां चलाई गई थीं। रिवाल्वर को जब्त कर लिया गया है। लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट भेजी जा रही है।
मॉल के बाहर खड़ी फॉरेंसिक टीम की गाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
25 साल की दोस्ती दुश्मनी में बदली
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि राजीव गुप्ता और अशोक तोमर के बीच 25 साल से दोस्ती है। दोनों माल में भी बराबर के हिस्सेदार हैं। राजीव के भाई शरद गुप्ता ने पुलिस को यही बताया कि राजीव और अशोक तोमर बृहस्पतिवार सुबह 11:30 बजे साथ ही दीवानी गए थे। उन्हें एक केस के संबंध में अपने अधिवक्ता से मिलना था। मगर, दोनों के बीच विवाद हो गया। तब वो दोनों चले आए। बिचपुरी मार्ग स्थित मैरिज होम पर आ गए। दोनों के बीच मैरिज होम पर भी झगड़ा हो गया। तब राजीव गुप्ता आफिस पर आ गए। पीछे से अशोक तोमर भी पहुंच गया। उसने गोलियां चला दीं। इससे पहले उससे रुपयों के हिसाब को लेकर सात साल से विवाद चल रहा है। उधर, पूछताछ में अशोक तोमर ने यही कहा कि गुत्थमगुत्था में गोली चली है। मगर, पुलिस उसके बयान से संतुष्ट नहीं थी। पुलिस का यही मानना हैकि उसने हत्या के इरादे से ही हमला बोला था। उसने एक के बाद एक गोली चलाईं।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
दो मुकदमे दर्ज हुए, एक में भी गिरफ्तारी नहीं
थाना जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र शंकर पांडेय ने बताया कि अशोक तोमर के खिलाफ पूर्व में दो मुकदमे दर्ज हैं। इनमेें एक मुकदमा वर्ष 2018 में लिखा गया था। इसमें धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज सहित अन्य धारा लगी थी। अशोक तोमर के साथ नामजद आरोपियों में राजीव गुप्ता सहित सहित अन्य लोग भी थे। मामले में चार्जशीट लग चुकी है। मगर, गिरफ्तारी किसी की नहीं हुई। दूसरा मुकदमा धोखाधड़ी का वर्ष 2020 में थाना जगदीशपुरा में लिखा गया। इसमें विवेचना जारी है। दो मुकदमों में से एक में भी गिरफ्तारी न होने से सवाल भी खड़ा हो गया है। उध्रर, अशोक तोमर का शस्त्र लाइसेंस वर्ष 2005 में बना था। उसके खिलाफ दो मुकदमे होने के बावजूद शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण हो गया। इसके लिए खुद थाना पुलिस ही रिपोर्ट देती है। अब सवाल उठता है कि रिपोर्ट में मुकदमों को जिक्र क्यों नहीं किया गया। पुलिस अधिकारी जांच कराएंगे तो रिपोर्ट लगाने वाले दरोगा भी जांच के घेरे में आएंगे।
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