बाह के नंदगवां घाट पर बर्ड फेस्टिवल में शामिल हुए देसी विदेशी पर्यटकों को चंबल की वादियां खूब भायीं। मोटर वोट से नदी में घूमकर जलक्रीडा करते घड़ियाल, मगरमच्छ, डॉल्फिन, बार हैडेड गूज, इंडियन स्कीमर, रिवर लेपविंग को करीब से देखकर वे चहक उठे। शुक्रवार को सहसों इटावा में, शनिवार को कीठम आगरा में आयोजन के बाद तीन दिवसीय बर्ड फेस्टिवल रविवार को बाह के नंदगवां में आयोजित हुआ।
बाह में देसी सैलानियों के अलावा यूएसए, कनाडा, न्यू जर्सी के पर्यटक पहुंचे और चंबल घूमे। जल क्रीड़ा करतीं और चंबल के आसमान पर उड़ती चिड़ियों को अपने कैमरे में कैद किया। घड़ियाल, मगरमच्छ, विभिन्न प्रजातियों के कछुए और डॉल्फिन भी देखी। यूएसए के क्रिस्टिन, सुशान, न्यूजर्सी के डॉक मैक्निक, कनाडा की सेचैम आदि ने चंबल को खूबसूरत पर्यटन स्थल बताया।
सैलानियों को बीहड़ की वादियां उनको खूब भायीं। यहां पहुंचे स्कूली बच्चे भी बेहद रोमांचित दिखे। पश्चिमी यूपी के प्रमुख वन संरक्षक सुनील चौधरी, आगरा के डीएफओ आनंद कुमार श्रीवास्तव, चंबल सफारी जरार के डायरेक्टर आरपी सिंह ने भी चंबल भ्रमण को रोमांचक अनुभव बताया।
इस दौरान इटावा के रेंजर सर्वेश भदौरिया, बाह के रेंजर अमित सिसौदिया, टीएसए के प्रोजेक्ट आफीसर भास्कर दीक्षित, अरुणिमा सिंह आदि ने पर्यटकों और छात्र-छात्राओं को चंबल और उसमें पाये जाने वाले जीवों के बारे में जानकारी दी। पर्यावरण में उनका महत्व बताया। डीएफओ आनंद कुमार श्रीवास्तव ने प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत करते हुए बर्ड फेस्टिवल का समापन किया।
चंबल की खूबसूरती से प्रभावित विदेशियों का अंदाज देख पश्चिमी यूपी के प्रमुख वन संरक्षक सुनील चौधरी ने कहा कि चंबल को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने का प्रयास है। अमर उजाला से हुई बातचीत में कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से नंदगवां में दो फॉरेस्ट चौकियां, क्षेत्र में वॉच टावर व आवासीय भवन तैयार कराए जाएंगे।