ब्रज में यमुना उफान पर बह रही है। चार दिन पहले हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से 1.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। शनिवार को फिर हाथिनी कुंड से 31122 क्यूसेक और ओखला बैराज से 3,780 क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया। इससे यमुना उफान पर आ गई है। इससे आगरा और मथुरा जिले के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। इसे देखते हुए सिंचाई विभाग की टीमें अलर्ट हो गई हैं।
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उधर, राजस्थान, मध्यप्रदेश में हुई बारिश से एक बार फिर चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। शनिवार को चंबल नदी 117.50 मीटर जलस्तर पर बह रही थी। रात को फिर से जलस्तर में बढ़ोतरी होने लगी। पिनाहट घाट पर चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता हुआ रविवार सुबह 10 बजे तक 120.40 पहुंच गया है।
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उफान पर बह रही यमुना नदी
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आगरा समेत प्रदेश के कई जनपदों में नदियां उफान पर हैं। इधर, चंबल और यमुना नदी में भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शहर के प्रतापपुरा स्थित सिंचाई कार्यालय पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित है। जहां से 24 घंटे नदियों में बैराजों से छोड़े जा रहे पानी की निगरानी हो रही है।
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बल्केश्वर में पार्वती घाट की सीढ़ियां डूबी
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रविवार को यमुना का जलस्तर बढ़ने से आगरा जिले के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। इससे सैकड़ों बीघा फसलों जलमग्न हो गई हैं। बल्केश्वर क्षेत्र के गांव मनोहरपुर के खेतों में बाढ़ का पानी भर गया है। पार्वती घाट की आधी से ज्यादा सीढ़ी पानी में डूब गई हैं।
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मथुरा: बाढ़ के बावजूद यमुना में चल रही नाव
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मथुरा-वृंदावन के घाट बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। यमुना में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग ने गोकुल बैराज से 16 हजार 400 क्यूसेक पानी को आगरा के लिए छोड़ दिया। सिंचाई विभाग के यूएसी राजेंद्र कौशिक ने बताया कि हम यमुना के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
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चंबल नदी
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राजस्थान के धौलपुर और आसपास क्षेत्रों में दो दिन से हो रही लगातार बारिश के कारण चंबल नदी में फिर से उफान आ गया है। पिनाहट घाट पर चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता हुआ रविवार सुबह 10 बजे तक 120.40 पहुंच गया। नदी के आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।