फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

ताजमहल: निर्माण के 370 साल बाद संगमरमरी स्मारक में पहली बार होने जा रहा यह काम

Sun, 03 Nov 2019 03:49 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 03 Nov 2019 03:49 PM IST
विज्ञापन
first time chameli floor stones will be change at Taj Mahal
ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
ताजमहल निर्माण के 370 साल बाद इसके चमेली फर्श के पत्थर बदले जाएंगे। जर्जर पत्थरों को चिह्नित करने के लिए सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। फर्श के 400 ऐसे पत्थर चिह्नित किए गए हैं, जो बदले जाने हैं। 15 नवंबर से संरक्षण का कार्य शुरू होगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। चमेली फर्श के पत्थर पहली बार बदले जाएंगे।
first time chameli floor stones will be change at Taj Mahal
दो अप्रैल से शुरू हो रहा है तीन दिवसीय उर्स - फोटो : अमर उजाला
तीन शताब्दी से अधिक समय हो जाने के कारण ताजमहल के अधिकांश पत्थर जर्जर हो चुके हैं। तमाम पत्थरों को बदला जा चुका है। चमेली फर्श के पत्थर भी चलने-फिरने से घिस गए है। जर्जर हो जाने के कारण कई पत्थर टूट भी गए हैं। 
first time chameli floor stones will be change at Taj Mahal
ताजमहल में चमेली फर्श - फोटो : अमर उजाला
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने पिछले दिनों चमेली फर्श के ऐसे ही पत्थरों को चिह्नित किया था। इसमें लाल पत्थर के साथ ही मार्बल के सफेद पत्थर भी हैं। ये पत्थर 1×1 फुट और 9×9 इंच के हैं। संरक्षण कार्य पर लगभग 22 लाख रुपया खर्च होगा। बता दें कि चमेली फर्श से होकर ही मुख्य गुंबद तक पहुंचा जाता है। ताजमहल का निर्माण वर्ष 1648 में पूरा हुआ था। 
विज्ञापन
विज्ञापन
first time chameli floor stones will be change at Taj Mahal
ताजमहल परिसर में लगा टीनशेड
चमेली फर्श के क्षतिग्रस्त लाल और सफेद पत्थर को बदलने के लिए राजस्थान से पत्थर लाया जाएगा। सफेद पत्थर जहां राजस्थान के मकराना से मंगाया जाएगा वहीं, बंशी पहाड़पुर का लाल पत्थर उपयोग किया जाएगा। 
विज्ञापन
first time chameli floor stones will be change at Taj Mahal
ताजमहल में चमेली फर्श - फोटो : अमर उजाला
चमेली फर्श में तांतपुर का लाल पत्थर प्रयोग हुआ है। संरक्षण कार्य के दौरान राजस्थान के बंशी पहाड़पुर से पत्थर मंगाया जाएगा। वरिष्ठ संरक्षण सहायक का कहना है कि दोनों जगह के लाल पत्थर में मामूली सा अंतर है। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed