फिरोजाबाद के टूंडला में पूर्व प्रधान अरविंद यादव (55) और उनके बेटे नितिन यादव (27) की हत्या 14 बीघा जमीन के लिए की गई। यह जमीन पड़ोस के गांव में है, जिसे अरविंद यादव ने गांव के लिए एक व्यक्ति से खरीदी थी। हत्यारोपियों ने पहले ही एलान कर दिया था कि जमीन जोता तो जान से मार देंगे।
जमीन बेचने वाले व्यक्ति बैनामा कर अपने दो पुत्रों के साथ गांव छोड़कर चले गए जबकि उनके दो पुत्रों ने इसका विरोध किया था। विरोध करने वाले पक्ष ने डेढ़ दशक तक पूर्व प्रधान अरविंद यादव को उस जमीन को जोतने नहीं दिया। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद बीते 20 मई को प्रशासन की ओर से कब्जा दिलाने के बाद दोनों पिता-पुत्र रविवार को जब जमीन जोतने पहुंचे तो उनकी हत्या कर दी गई।
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घटनास्थल पर पुलिस और ग्रामीण
- फोटो : संवाद
थाना नगला सिंघी के गांव टीकरी निवासी साहब सिंह यादव ने करीब 15 वर्ष पूर्व अपने ही दो पुत्रों से परेशान होकर 14 बीघा जमीन पूर्व प्रधान अरविंद यादव को बेच दी थी। यह जमीन गांव से करीब दो किलोमीटर दूर गांव प्रेमपुर में स्थित है। जमीन बेचने के बाद साहब सिंह अपने दो पुत्रों हुब्बलाल यादव व देवेंद्र यादव को गांव में ही छोड़कर दो अन्य पुत्रों जितेंद्र यादव व नरेंद्र यादव को साथ लेकर गांव छोड़कर चले गए।
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अरविंद यादव की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
20 मई को मिला था कब्जा
चोरी-छिपे जमीन का बैनामा होने पर हुब्बलाल, देवेंद्र व उसके परिजन ने पूर्व प्रधान अरविंद यादव के परिवार से दुश्मनी पाल ली। उन्होंने अरविंद यादव को तब से अब तक जमीन पर कब्जा नहीं करने दिया। अरविंद यादव कई बार पुलिस बल के साथ खेत जोतने पहुंचे लेकिन सफलता नहीं मिली। 20 मई को कब्जा मिलने के बाद रविवार को अरविंद यादव अपने बेटे नितिन यादव के साथ जब खेत जोतने पहुंचे तो हुब्बलाल, भोला, विपिन, रवि, मनीष, सनी व अन्य ने मिलकर उनकी हत्या कर दी। एसएसपी ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की हैं।
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घटनास्थल पर पुलिस और ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
चार बीघा खेत लेकर राजीनामा को तैयार थे हत्यारोपी
ग्रामीणों ने बताया कि हुब्बलाल के परिजन पूर्व प्रधान से चार बीघा खेत वापस लेकर राजीनामा करने के लिए तैयार थे। ग्रामीणों ने दोनों के बीच राजीनामा कराने का भी प्रयास किया था लेकिन पूर्व प्रधान अरविंद यादव जमीन का कोई भी हिस्सा देने को तैयार नहीं थे।
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घटनास्थल से शवों को लेकर जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
कब्जा दिलाने के साथ ही कर दी थी हत्या की घोषणा
पीड़ित परिवार ने बताया कि प्रशासन की ओर से जब जमीन का कब्जा पूर्व प्रधान को दिलाया गया तभी आरोपी हुब्बलाल ने एलान कर दिया था कि अगर अरविंद यादव खेत जोतने गए तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। पूर्व प्रधान ने हुब्बलाल के इस एलान को हल्के में लिया। पूर्व में वह पुलिस फोर्स के साथ ही खेत जोतने गए थे लेकिन कब्जा मिलने पर वह बिना पुलिस फोर्स के साथ खेत पर गए जिस पर उनकी हत्या कर दी गई।