कासगंज में वर्ष 26 जनवरी 2018 को तिरंगा यात्रा के दौरान हिंसा का शिकार हुए चंदन गुप्ता को न्याय दिलाने की मांग लगातार उठ रही है। रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की जनसभा में भी चंदन के परिजनों ने इंसाफ की मांग उठाई। शहर के बाहर पत्थर मैदान पर हुई जन विश्वास रैली में अमित शाह के संबोधन के दौरान चंदन के परिजन और परिचित गैलरी में आगे तक पहुंच गए और हाथों में चंदन गुप्ता को न्याय दो लिखा बैनर लेकर प्रदर्शन करने लगे। काफी देर तक परिजन और परिचित चंदन को न्याय की मांग करते रहे।
गृहमंत्री के संबोधन के बाद कार्यक्रम समापन पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने माइक संभाला। उन्होंने मंच से भरोसा दिया कि चंदन गुप्ता का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और उसे न्याय मिलेगा। बता दें कि 26 जनवरी 2018 को कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हिंसा हो गई थी। जिसमें गोली मारकर चंदन गुप्ता की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद कासगंज कई दिनों हिंसा में आग में सुलगता रहा।
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जनसभा में बैनर लहराता चंदन का भाई
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मृतक चंदन गुप्ता के भाई विवेक गुप्ता और परिचित उस समय चंदन को न्याय की मांग करने लगे, जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जनसभा को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम स्थल की गैलरी में आगे तक पहुंचकर उन्होंने प्रदर्शन शुरू किया। हाथों में बैनर लेकर वे बार बार चंदन को न्याय की मांग कर रहे थे।
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जनसभा को संबोधित करते उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
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ये लोग काफी देर तक वे प्रदर्शन करते रहे। जब अमित शाह का संबोधन समाप्त हुआ और वह हाथ उठाकर जनता का आभार व्यक्त कर रहे थे। उस समय उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मार्च संभाला और कहा कि चंदन गुप्ता देशभक्त था। उसका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। वह हाथ में तिरंगा लेकर गया था। भरोसा रखें उसे न्याय मिलेगा।
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को भाजपा की जन विश्वास यात्रा कासगंज पहुंचीं। इसके बाद शहर के बाहर पत्थर मैदान पर जनसभा हुई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रज क्षेत्र भाजपा का गढ़ था, है और रहेगा। यूपी चुनाव में जीत का दावा करते हुए नारा दिया कि इस बार भाजपा 300 पार।
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लोगों का अभिवादन करते केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
- फोटो : अमर उजाला
अमित शाह ने अखिलेश यादव और मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपी में बुआ-बबुआ ने सरकारें चलाईं। क्या ये सभी का विकास कर पाईं? वो नहीं कर सकते, ये जातिवादी पार्टियां हैं, परिवारवादी पार्टियां हैं। उनकी सरकार में दंगे होते थे, आज विकास हो रहा है।