मोक्षस्थली पर अस्थि रूपी फूल मोक्ष के लिए इंतजार कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण या अन्य वजह से काल के गाल में समा गए लोगों की अस्थियां अभी गंगा में प्रवाहित होने का इंतजार कर रही हैं। अप्रैल से लेकर 15 मई तक शवों का अंतिम संस्कार करने के बाद कुछ परिवार अस्थियां लेने नहीं पहुंचे हैं। कई परिजनों ने विद्युत शवदाह गृह के प्रभारी को कोरोना लहर थमने के बाद अस्थियां ले जाने के लिए कहा है। ऐसे कई परिवार हैं जिनमें सभी लोग क्वारंटीन हुए थे। इस कारण भी अस्थियां लेने नहीं पहुंचे हैं। कुछ लोग लॉकडाउन के खुलने का इंतजार कर रहे है। ट्रांसयमुना निवासी व्यक्ति की मां का पांच मई को देहांत हो गया था। उनका कहना है कि हमने इस काल को जिस तरह से सहा है, वह काफी पीड़ादायक है। अभी मैं मां की अस्थियां लेने इसलिए नहीं जा पाया हूं, क्योंकि लॉकडाउन है। लॉकडाउन खुलते ही सबसे पहले अस्थियां लेने जाएंगे। घर में अस्थियां नहीं ला सकते। इसलिए हमें इस मजबूरी से गुजरना पड़ रहा है।
कोरोना का असर: 'अपनों' के अस्थि कलशों को लेने नहीं आ रहे लोग, विद्युत शवदाह गृह जाने से बच रहे परिजन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 28 May 2021 02:58 PM IST
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