आगरा जिले के गांव पुरा शिवलाल में शुक्रवार को बकरी को लेकर हुए विवाद में पिता-पुत्र की हत्या कर दी गई। दोहरे हत्याकांड के बाद गांव में तनाव है। स्थिति को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात है। पीड़ित परिवार के लोग दहशतजदा हैं। खासकर वह मासूम बच्चा, जिसकी आंखों के सामने उसके नाना और मामा को गोली मारी गई थी। चश्मदीद बच्चे ने रोते हुए पुलिस को आंखों देखी बताई। हत्याकांड के आरोपी फरार हैं, उनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
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आगरा: गांव पुरा शिवलाल में पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
थाना बासौनी के गांव पुरा शिवलाल में शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे किसान भीकम सिंह (48) और बेटे जितेंद्र (22) की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोप पड़ोसी किसान ग्यान सिंह पर है। वह मौके पर तमंचा फेंककर बीहड़ में भाग गया है। हत्या की वजह भीकम की बकरी ग्यान के घर में घुस जाने से हुआ विवाद रही। ग्यान के परिजनों ने बकरी को डंडे से पीट दिया था। इसी पर हुए झगड़े के दौरान गोली मारी गई।
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आगरा: भीकम सिंह और जितेंद्र का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मामा जितेंद्र और नाना भीकम सिंह की हत्या के चश्मदीद आठ साल के निखिल ने अपने घर में छिपकर जान बचाई। उसने पुलिस को बताया कि पहले मामा जितेंद्र को और फिर नाना भीकम सिंह को ग्यान सिंह ने गोली मारी। गोली लगने के बाद मामा और नाना जान बचाकर भागे तो उनके शरीर से खून की धार जमीन पर गिर रही थी। कुछ दूरी पर दोनों गिरकर बेहोश हो गए। इसके बाद हमलावर मर गए.. कहकर मौके से भाग गए।
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आगरा: रोती-बिलखती भीकम सिंह की पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
निखिल अपनी मां मालती देवी के साथ जितेंद्र के घर पर रहकर गांव के ही स्कूल में ही दूसरी कक्षा की पढ़ाई कर रहा है। निखिल अभी भी डरा हुआ है। वारदात के वक्त जितेंद्र का छोटा भाई रहनकलां एत्मादपुर में अपने बहनोई महेश चंद्र के घर पर था। अब पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसके ऊपर आ गई है। मृतक पिता पुत्र गांव में खेतीबाड़ी और बकरी पालन करते थे। गांव के लोग भी पिता पुत्र की हत्या के बाद अनहोनी की आशंका को लेकर दहशतजदा है।
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आगरा: बेसुध हुई जितेंद्र की पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
तीन माह की मासूम संग बेसुध हुई जितेंद्र की पत्नी
जितेंद्र की मई 2019 में मीना के साथ शादी हुई थी। इनकी तीन माह की बेटी है। अपनी आंखों के सामने ही अपना सुहाग उजड़ने से मीना बेसुध हो गई है। वहीं अपने बेटे और पति को खोने वाली किशन प्यारी भी बेहाल है। घर पर रह रही जितेंद्र की बहन मालती देवी की भी बेहोशी नहीं टूट सकी है। उन्हें ढांढस बंधाने के लिए पहुंच रहे लोग भी जमीन पर पडे़ खून को देखकर अपनी आंखों में आंसू नहीं रोक पा रहे।