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तस्वीरें: स्वर्ण-रजत हिंडोले में विराजे ठाकुर बांकेबिहारी, दर्शन को उमड़ा आस्था का सैलाब
Sat, 03 Aug 2019 06:37 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 03 Aug 2019 06:37 PM IST
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बांकेबिहारी मंदिर में स्वर्ण रजत हिंडोला
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाली तीज पर वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में ठाकुर जी ने शनिवार को सुबह और शाम स्वर्ण रजत हिंडोले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु अपने आराध्य की एक झलक पाने के लिए बेताब दिखे। पट खुलने से घंटों पहले ही मंदिर के गेट नंबर 2 व 3 पर पहुंच गए थे। जैसे ही मंदिर के पट खुले, पूरा परिसर बांकेबिहारी के जयकारों से गूंजा उठा। श्रद्धालुओं ने प्रभु की नयनाभिराम छवि के दर्शन किए।
बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार प्रात: 7.45 बजे बांकेबिहारी मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं में पहले प्रभु दर्शन पाने के लिए आगे बढ़े। ठाकुर बांकेबिहारी के जयकारों से मंदिर गुंजायमान हो गया। महिलाएं मंगलगीत और बधाई गायन कर पट खुलने का इंजतार करती दिखाई दीं। हरे रंग के वस्त्र और स्वर्ण आभूषण धारण किए ठाकुर बांकेबिहारी ने स्वर्ण रजत हिंडोले में विराजमान हो भक्तों को दर्शन दिए। मंदिर के पहुंच मार्ग, चबूतरे एवं प्रवेश द्वारों के सामने श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
बांकेबिहारी महाराज के लिए सजाई गई सुखसेज
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष में एक बार स्वर्ण हिंडोले में भक्तों को दर्शन देने के बाद बांके बिहारी महाराज ने दोपहर राजभोग आरती और रात शयनभोग आरती के बाद थककर सुगंधित पुष्पों से सजी सुखसेज पर विश्राम किया। सुखसेज पर गुलागी रंग के सनील के गंद्दे, तकिया, मसंद बिछी थी। उसके ठीक सामने चांदी से जड़ित आईना लगा था।
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बांकेबिहारी के दर्शन को उमड़ी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर सेवायत बालकृष्ण गोस्वामी ने बताया कि सुखसेज पर ठाकुरजी सेवा में चांदी के कलश में जल, रजत कंघी, पान का बीड़ा तथा लड्डू निवेदित किए गए। सुखसेज के बराबर में सुहाग पिटारी और सोने की नथ भी रखी गई है। उन्होंने बताया कि हिंडोले में विराजे ठाकुरजी जब थक जाते हैं तो उन्हें सुखसेज पर ले जाया जाता है। सेवायत कुछ समय तक ठाकुरजी की इत्र से मालिश कर थकान उतारते हैं। इसके बाद ठाकुरजी विश्राम के लिए चले जाते हैं।
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पुष्प व लतापताओं से सजे हिंडोले में विराजमान ठाकुर राधासनेह बिहारी महाराज।
- फोटो : अमर उजाला
तीर्थनगरी के विभिन्न मंदिरों में रविवार से 13 दिन तक सोने, चांदी, चंदन की लकड़ी के फूलों व लपापताओं से सजे हिंडाले में विराजमान होकर आराध्य अपने भक्तों को दर्शन देंगे। ठाकुर. राधासनेह बिहारी, राधावल्लभ मंदिर, राधादामोदर, राधारमण, गोविंद देव, गोपीनाथ, मदनमोहन, जीवन बल्लभ, यशोदानंदन, रंगनाथ मंदिर, श्रीजी की बड़ी कुंज, निबार्क कोर्ट आदि मंदिर में प्रतिदिन देर सायं हिंडोले में भगवान विराजित होंगे।