आगरा के सिकंदरा में प्रापर्टी डीलर बबलू यादव की हत्या का खुलासा 43 दिन बाद भी नहीं हो सका है। पुलिस की ढीली कार्रवाई से आक्रोशित परिजन लोगों के साथ एसएसपी ऑफिस पर धरना दे रहे हैं। इनमें मृतक की गर्भवती पत्नी भी शामिल है। मंगलवार की सुबह एसएसपी मृतक के परिजनों से मिलने पहुंचे। इस दौरान एसएसपी से नोकझोंक हो गई। परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। वहीं मौके पर पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है।
मृतक बबलू यादव के परिजन अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। सोमवार रात कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं आया। इससे लोगों में आक्रोश है। वहीं मंगलवार की सुबह एसएसपी अमित पाठक बबलू के परिजनों से मिलने पहुंचे तो पुलिस से नोकझोंक हो गई। मृतक की बहन ने पुलिस पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। परिजनों ने चेतावनी दी है कि अगर न्याय नहीं मिलता तो वे जाम लगाएंगे।
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मृतक बबलू यादव का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
15 दिसंबर को बबलू यादव की सिकंदरा स्थित होली पब्लिक स्कूल के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस की पड़ताल में सामने आया था कि हत्याकांड को शूटरों ने अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज भी मिल गए थे। मगर, हत्या किसने और क्यों करवाई? यह आज तक पता नहीं किया जा सका। पुलिस सिर्फ कई लोगों से पूछताछ की बात कर रही है। इससे परिवार के लोग आक्रोशित हैं।
धरने में मृतक बबलू यादव की पत्नी शिल्पी, बहन कीर्ति, पिता राजेंद्र सिंह, भाई विनीत के साथ अन्य परिजन भी हैं। शिल्पी छह महीने की गर्भवती है। उसका चिकित्सक से उपचार चल रहा है। इसके बावजूद पति के हत्यारों को पकड़ने की मांग को लेकर वह धरने पर बैठ गई। वो रोते बिलखते हुए न्याय की गुहार लगा रही है।
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victim family protest
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार सुबह 10 बजे सैकड़ों की संख्या में परिवार के लोग और यादव समाज के लोग कलक्ट्रेट पहुंचे। पुलिस प्रशासन हाय-हाय के पोस्टर हाथों में लिए थे। उन्होंने एसएसपी ऑफिस पर बबलू के हत्यारों को फांसी दो, लिखे बैनर भी लगा दिए। मगर, रात तक कोई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी परिजनों से मिलने नहीं आया।