मैनपुरी जनपद के किशनी में महिला की हत्या के आरोप में पकड़ा गया युवक पुलिस के अनुसार साइको किलर है। वह अब तक अपनी मां सहित सात लोगों की हत्या कर चुका है। उसने सबसे पहले हत्या 19 वर्ष की उम्र में की थी। हत्या करने के बाद शव को दफनाकर वह उस जगह पौधा लगा दिया करता था। एसपी अजय कुमार पांडेय ने किशनी थाने में पत्रकारों को बताया कि 10 अक्तूबर की रात गांव बरुआ नद्दी के पास एक नरमुंड मिला था। नरमुंड बरामदगी के बाद मिथलेश कुमार निवासी टोडरपुर थाना चौबिया जनपद इटावा ने सर्वेश पुत्र रामसनेही निवासी बरुआ नद्दी और संतोष कुमार पुत्र साहब सिंह निवासी नगला परसादी थाना बिधूना औरैया के खिलाफ पूती देवी हाल निवासी कृष्णा नगर थाना भरथना, इटावा की हत्या कर शव गायब करने का मुकदमा दर्ज कराया था। सोमवार शाम को पुलिस ने दोनों आरोपियों को गांव के पास से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था।
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हत्यारोपी संतोष कुमार और सर्वेश कुमार बाएं से दाएं क्रमशः
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के मुताबिक गांव बरुआ नद्दी निवासी सर्वेश यादव सनकी किस्म का है। 19 साल की उम्र में वह गुजरात से एक लड़की को लेकर आया था। उसकी हत्या करने के बाद शव के टुकड़े करने के बाद दफना दिया था। सर्वेश ने वर्ष 2012 में जिला कन्नौज के सौरिख थाना क्षेत्र में एक महिला की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार वह भोलीभाली महिलाओं को सरकारी आवास, पेंशन, रुपये आदि दिलाने का लालच देकर जाल में फंसाता था। उनके जेवर आदि लेकर हत्या कर देता था।
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महिला पूती देवी का फाइल फोटो और हत्यारोपी संतोष कुमार
- फोटो : अमर उजाला
सर्वेश पर तीन हत्याओं सहित 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें कन्नौज के सौरिख थाने में सात और किशनी थाने में चार मुकदमे दर्ज हैं। 26 महीने बाद मार्च 2020 में वह जेल से छूटकर घर आया था। वह मामलों में तारीख पर भी नहीं जाता है। इस वजह से उसके खिलाफ कई गैर जमानती वारंट जारी हो चुके हैं। तीन मई, 2020 को उसने अपनी मां की जलाकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
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पकड़े गए आरोपियों की जानकारी देते एसपी मैनपुरी
- फोटो : अमर उजाला
पति सर्वेश की हरकतों और सनकीपन से परिवार के लोग बेहद परेशान थे। उस पर आपराधिक मामले दर्ज थे। वहीं आए दिन कुछ न कुछ उत्पात करता था। उसके इसी व्यवहार के चलते पत्नी व बच्चों ने भी रिश्ता तोड़ लिया था। पत्नी अपने मायके में बच्चों के साथ रह रही है। गांव की बात करें तो सर्वेश यादव का खौफ गांव की महिलाओं में इस कदर हावी था कि शाम ढलते ही घरों में कैद हो जाती थीं। डर की वजह से महिलाएं शौच के लिए भी खेत पर जाने से घबराती थीं।
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पकड़े गए आरोपियों के बारे में जानकारी देते एसपी मैनपुरी
- फोटो : अमर उजाला
वह गांव के बाहर खेत में झोपड़ी डालकर रहता था। यह जगह बेहद सुनसान थी। यहां पर सर्वेश आसानी से वारदात अंजाम देने के बाद शव खेत में दफना देता था। शाम होते ही लोग झोपड़ी की ओर जाने से भी डरते थे। गांव के लोग न तो सर्वेश से बात करते थे। न ही उसे किसी आयोजन आदि के लिए आमंत्रित किया जाता था।