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कोरोना से जंग: लड़े, जूझे और जीते, ताजनगरी ने कोरोना संक्रमण को अपने जज्बे से दी मात, पढ़िए खास रिपोर्ट
Sun, 21 Mar 2021 10:02 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 21 Mar 2021 10:02 AM IST
सार
- 10561: संक्रमित मरीज
- 10367: डिस्चार्ज हुए
- 175: मरीजों की मौत
- 19: मरीज करा रहे इलाज
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कोरोना वायरस के नमूने लेते कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
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तीन मार्च, 2020 को कोरोना संक्रमण का सबसे पहला हमला ताजनगरी पर हुआ। देशभर में केस बढ़े तो जनता कर्फ्यू के बाद लॉकडाउन लगा और जिंदगी घरों के अंदर कैद हो गई, लेकिन लोगों का हौसला और हिम्मत कैद नहीं हो सकी। कोरोना को हराने के जज्बे के दम पर आगरा महामारी से लड़ा, जूझा और जीत की तरफ आगे बढ़ा। लॉकडाउन में वुहान बनने की तरफ बढ़ा आगरा टारगेट सैंपलिंग और स्वास्थ्य महकमे की बदली रणनीति से संक्रमण की दर को न्यूनतम स्तर पर लेकर आया। अब हालात सूबे के दूसरे शहरों के मुकाबले नियंत्रित हैं। लॉकडाउन से स्वास्थ्य क्षेत्र से लेकर हमारी आपकी जिंदगी में जो बदलाव आए, अमर उजाला उन्हें एक-एक कड़ी में सामने लाएगा।
आगरा में कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
नए साल में ताजनगरी को कोरोना संक्रमण से राहत मिली है। कोरोना संक्रमण की कोई चेन नहीं मिली है, दर कम हुई है। अगस्त से नवंबर तक चार महीनों में संक्रमण चरम पर रहा। कोविड अस्पताल और आईसीयू तक फुल हो गए। लेकिन 2021 की मार्च आते-आते संक्रमित मरीजों की संख्या दहाई आंकड़े में रह गई। 17 मार्च तक जहां 33 मरीज मिले हैं वहीं 46 मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है। अब केवल 19 मरीज अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। स्थिति यह है कि औसतन रोजाना 3000 लोगों की जांच में इक्का-दुक्का मरीज ही मिल रहे हैं। मार्च में कोरोना वायरस के 12 मरीज मिले थे। एक दिन में पांच मरीज तक मिले। विदेशी पर्यटकों के चलते यहां संक्रमण की दर तेजी से बढ़ने की आशंका सही साबित हुई। अप्रैल में संक्रमण के 463 मरीज मिले। मई और जून की भीषण गर्मी मेें संक्रमण के मामले घटे। अप्रैल के मुकाबले मई में 388 और जून में 340 ही मरीज मिले। जुलाई में फिर संक्रमण बढ़ने लगा। इस महीने 543 मरीज सामने आए।
आगरा में कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
अगले चार महीनों में संक्रमण की दर तेजी से बढ़ी। अगस्त से नवंबर तक कोरोना वायरस के 7,497 मरीज मिले। सबसे ज्यादा हाहाकारी सितंबर रहा। इस महीने 2,815 मरीज सामने आए। एसएन मेडिकल कॉलेज का आईसीयू और 100 बेड का आइसोलेशन वार्ड फुल हो गया। दूसरे 100 बेड के आइसोलेशन वार्ड में भी महज 40 बेड ही खाली बचे थे।
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आगरा में कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
2021 में राहत, वैक्सीन भी मिली, संक्रमण भी घटा
कोरोना वायरस के लिहाज से 2021 की शुरुआत बेहद राहत भरी हुई। जनवरी से संक्रमण की दर में भारी कमी आई। इस महीने 259 ही मरीज मिले, फरवरी में महज 57 ही मरीज पाए गए। मार्च में संक्रमण की दर और घटी, 17 मार्च तक कोरोना वायरस के 25 मरीज ही मिले हैं। इसी महीने की 16 तारीख से कोरोना वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण भी शुरू हुआ।
कोरोना वायरस के लिहाज से 2021 की शुरुआत बेहद राहत भरी हुई। जनवरी से संक्रमण की दर में भारी कमी आई। इस महीने 259 ही मरीज मिले, फरवरी में महज 57 ही मरीज पाए गए। मार्च में संक्रमण की दर और घटी, 17 मार्च तक कोरोना वायरस के 25 मरीज ही मिले हैं। इसी महीने की 16 तारीख से कोरोना वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण भी शुरू हुआ।
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आगरा में कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
इन चार उपायों से पाया संक्रमण पर नियंत्रण
1. संपर्क में आए लोगों की जांच
कोरोना वायरस के मरीज मिलने के बाद उसके संपर्क में आए लोगों को चिह्नित करना, उनका नमूना लेकर जांच कराने और संभावित मरीज को होम क्वारंटीन किए जाना।
2. स्वास्थ्य सर्वे-दवा का वितरण
संक्रमित मरीज की कॉलोनी में घर-घर जाकर थर्मल स्क्रीनिंग, पल्स ऑक्सीमेट्री, एंटीजन जांच करना। सभी को विटामिन सी, मल्टी विटामिन और आइवरमेक्टिन दवाएं देना।
3. टारगेट सैंपलिंग करना
दुकानदारों, रेस्टोरेंट, होटल, मॉल स्टाफ, शोरूम स्टाफ, ऑटो चालकों का नमूना लेकर जांच करना। बाजारों में मास्क और सामाजिक दूरी के लिए सख्ती से पालन कराना।
4. होम आइसोलेशन
होम आइसोलेशन की सुविधा होने से लोगों में अस्पताल में भर्ती होने का भय कम हुआ। जांच कराने के लिए लोग बूथों पर जाने लगे, संक्रमित होने पर घर पर ही इलाज मिला। (जैसा कि एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने बताया)
1. संपर्क में आए लोगों की जांच
कोरोना वायरस के मरीज मिलने के बाद उसके संपर्क में आए लोगों को चिह्नित करना, उनका नमूना लेकर जांच कराने और संभावित मरीज को होम क्वारंटीन किए जाना।
2. स्वास्थ्य सर्वे-दवा का वितरण
संक्रमित मरीज की कॉलोनी में घर-घर जाकर थर्मल स्क्रीनिंग, पल्स ऑक्सीमेट्री, एंटीजन जांच करना। सभी को विटामिन सी, मल्टी विटामिन और आइवरमेक्टिन दवाएं देना।
3. टारगेट सैंपलिंग करना
दुकानदारों, रेस्टोरेंट, होटल, मॉल स्टाफ, शोरूम स्टाफ, ऑटो चालकों का नमूना लेकर जांच करना। बाजारों में मास्क और सामाजिक दूरी के लिए सख्ती से पालन कराना।
4. होम आइसोलेशन
होम आइसोलेशन की सुविधा होने से लोगों में अस्पताल में भर्ती होने का भय कम हुआ। जांच कराने के लिए लोग बूथों पर जाने लगे, संक्रमित होने पर घर पर ही इलाज मिला। (जैसा कि एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने बताया)