आगरा के बल्केश्वर स्थित भगवान नगर के शिव अपार्टमेंट में रहने वाले धागा फैक्टरी के मैनेजर सुनील सिंघल के घर में लूट की वारदात सहकर्मी राजकुमार ने कराई थी। उसने मुखबिरी कर अपने साथियों को लूट करने भेजा था। पुलिस ने सहकर्मी और फरार लुटेरे को गिरफ्तार कर यह खुलासा किया है। आरोपियों से लूट के एक लाख रुपये, मंगलसूत्र, अवैध असलहा और मोबाइल बरामद किया गया है।
तीन जनवरी को सुनील सिंघल की पत्नी रेनू और बेटे कृष्णा को दो बदमाशों ने घर में ही बंधक बना लिया था। इसके बाद रकम और जेवरात लूटकर ले गए थे। मुकदमा 12 लाख रुपये लूट का लिखाया गया था। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी सोनू पंजाबी को गिरफ्तार किया था। उससे लूट के 5.5 लाख रुपये बरामद किए गए थे। उसने अपने साथी का नाम गरीब नगर निवासी कुलदीप बताया था। यह भी बताया था कि घर से 6.5 लाख रुपये मिले थे।
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एसएसपी सुधीर कुमार सिंह
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पुलिस फरार बदमाश की तलाश कर रही थी। मुखबिरी करने वाले की भी पहचान हो गई थी। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस टीम फरार आरोपियों की तलाश में लगी थी। गिरिराज की धागा फैक्टरी में सुनील सिंघल के साथ ही रजवाड़ा निवासी राजकुमार भी काम करता था। उसने ही मुखबिरी की थी। इसके बाद ही सोनू पंजाबी और कुलदीप ने लूट की वारदात की।
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आरोपी कुलदीप और राजकुमार
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शनिवार को मनोहरपुर गांव के पास से कुलदीप और राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों से लूट के एक लाख रुपये और मंगलसूत्र, तमंचा और मोबाइल बरामद किया गया।
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पुलिस को घटना की जानकारी देते सुनील सिंघल (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की पूछताछ में राजकुमार उर्फ नैना ने बताया कि वह गिरिराज फर्म में कर्मचारी है। फर्म में सुनील मैनेजर हैं। उसने ही दोनों लुटेरों से लूट कराई थी। एक जनवरी को सुनील को मालिक ने तकरीबन छह लाख रुपये दिए थे। वह उन्हें घर ले गया था। मालिक शहर से बाहर चले गए थे। उस दिन सोनू भी बाहर गया था।
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सीसीटीवी कैमरे में कैद गई थी बदमाश की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
दो जनवरी को सुनील के घर पर होने की वजह से लूट नहीं कर सके। इस पर तीन जनवरी को सोनू और कुलदीप लूट करने आए थे। तय हुआ था कि लूट में जितनी रकम मिलेगी, उसे बराबर बांट लेंगे। आरोपियों ने सुनील की पत्नी और बेटे को बंधक बनाकर लूट की घटना का अंजाम दिया था।