आगरा जिले के बाह और पिनाटह क्षेत्र में चंबल नदी का जलस्तर शुक्रवार से घटने लगा है। गुरुवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब छह मीटर ऊपर 135.80 मीटर पहुंच गया था। यह 2.80 मीटर घटकर 133 मीटर के निशान पर आ गया है। नदी का जलस्तर अभी भी लाल निशान 130 मीटर से 3 मीटर ऊपर है। इससे चंबल में बाढ़ का खतरा टला नहीं है। चंबल की बाढ़ से बाह के 38 गांव प्रभावित है। अभी भी आठ गांवों में कोई मदद नहीं पहुंची है।
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चंबल का जलस्तर घटा... खतरा बरकरार: आगरा के 38 गांव बाढ़ से प्रभावित, आठ में नहीं पहुंची कोई मदद
Sat, 07 Aug 2021 12:07 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 07 Aug 2021 12:07 AM IST
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स्कूल में बाढ़ का पानी
- फोटो : अमर उजाला
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चंबल का पानी गांव में घुसा
- फोटो : अमर उजाला
बाह के गांव पुराशिवलाल, पुराडाल , डगोरा, कछियारा, रेहा, क्योरी आदि गांव अभी भी मदद की बाट जोह रहे हैं। चंबल नदी का जलस्तर कम होने से डूबा नंदगवां का निर्माणाधीन पुल का हिस्सा भी दिखने लगा है। नदी किनारे के 20 गांवों की गलियों और घरों में अभी भी पानी भरा है। लोग बीहड़ में डेरा डाले हैं।
पिनाहट घाट पर आईजी नवीन अरोरा
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार शाम को आईजी नवीन अरोरा पिनाहट में चंबल नदी घाट पहुंचे। उन्होंने यहां बाढ़ के हालात का जायजा लिया और अधीनस्थों को राहत-बचाव को लेकर निर्देश दिए। इससे पहले एसडीएम अब्दुल बासित, तहसीलदार राजू कुमार, सीएमओ अरुण कुमार श्रीवास्तव आदि ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। सीएमओ ने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को गांवों में नियमित शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं।
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टीलों पर रहने को मजबूर हुए ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
बारिश में भीगते रहे तंबू के बाहर बच्चे
उमरेठापुरा के जलमग्न होने के बाद गांव की करीब 1500 लोग चंबल के बीहड़ में टीलों पर तंबू लगाकर रह रहे हैं। जिनको शासन की ओर से कोई मदद नहीं मिल रही है। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे जब तेज बारिश हुई तो इन तंबुओं के बाहर खडे़ बच्चे भीगते रहे। क्योंकि तंबू में सामान रखा हुआ है। उपजिलाधाकारी बाह अब्दुल बासित ने बताया चंबल नदी के जलस्तर का घटना शुरू हो गया है। धीरे-धीरे स्थित सामान्य हो जाएगी।
उमरेठापुरा के जलमग्न होने के बाद गांव की करीब 1500 लोग चंबल के बीहड़ में टीलों पर तंबू लगाकर रह रहे हैं। जिनको शासन की ओर से कोई मदद नहीं मिल रही है। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे जब तेज बारिश हुई तो इन तंबुओं के बाहर खडे़ बच्चे भीगते रहे। क्योंकि तंबू में सामान रखा हुआ है। उपजिलाधाकारी बाह अब्दुल बासित ने बताया चंबल नदी के जलस्तर का घटना शुरू हो गया है। धीरे-धीरे स्थित सामान्य हो जाएगी।
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यमुना नदी
- फोटो : अमर उजाला
दिन में शांत रहीं यमुना की लहरें
उटंगन नदी के शांत होने पर गुरुवार की रात में तीन फीट चढ़ी यमुना की लहरें शुक्रवार को दिनभर शांत रहीं। लोगों को बाढ़ का डर अभी भी सता रहा है। बाह के 35 गांवों में कछार की फसल पहले से डूबी है। गांवों से जुड़ने वाले बीहड़ के रास्ते जलमग्न हो गए हैं।
उटंगन नदी के शांत होने पर गुरुवार की रात में तीन फीट चढ़ी यमुना की लहरें शुक्रवार को दिनभर शांत रहीं। लोगों को बाढ़ का डर अभी भी सता रहा है। बाह के 35 गांवों में कछार की फसल पहले से डूबी है। गांवों से जुड़ने वाले बीहड़ के रास्ते जलमग्न हो गए हैं।