जिस पत्नी की हत्या के आरोप में पति सोनू डेढ़ साल और उसका दोस्त गोपाल नौ माह जेल में रहा, वह महिला आरती दौसा (राजस्थान) के विशाला गांव में मिली। वहीं आरती ने जो कहानी बताई वो फिल्मी स्टोरी से कम नहीं है। पुलिस को जानकारी देते हुए आरती ने बताया कि दूसरे पति के छोटे भाई ने उसे पांच लाख रुपये में बेच दिया था। कुचामन सिटी से भाग कर वापस विशाला गांव अपने दूसरे पति भगवान के पास पहुंची।
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Mathura: हत्या के लिए काटी जेल पत्नी मिली जिंदा, दूसरी शादी की, अब बोली- दूसरे पति के भाई ने भी बेच दिया था...
Tue, 13 Dec 2022 08:32 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 13 Dec 2022 08:32 PM IST
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राजस्थान के दौसा में जिंदा मिली महिला
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला
आरती ने बताया कि इसके बाद वह किसी तरह बालाजी पहुंची, लेकिन वह वहां भी नहीं मिला। फिर उसने एक मिठाई के कारखाने में काम करना शुरू कर दिया। वहां मजदूरी करने आने वाले विशाला गांव के भगवान नाम के युवक से मुलाकात हुई और उसने कोर्ट में शादी कर ली। भगवान के साथ शादी किए उसे करीब छह साल हो गए। अभी छह महीने पहले भगवान के भाई को पता लगा कि उसका पहला पति सोनू और उसका दोस्त गोपाल तलाश कर रहे हैं।
वृंदावन कोतवाली
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद भगवान के छोटे भाई ने उसे नागौर जिले के कुचामन सिटी में रहने वाले एक व्यक्ति से पांच लाख रुपये में बेच दिया। कुचामन सिटी का रहने वाला वह व्यक्ति उसे अपने साथ ले गया। अभी 20 दिन पहले ही किसी तरह कुचामन सिटी से भाग कर वापस विशाला गांव दूसरे पति भगवान के पास पहुंची। आरती ने बताया कि दूसरा पति ट्रक ड्राइवर है। वह कई महीने तक घर से बाहर रहता है। इस वजह से उसे पहले यह जानकारी नहीं हो पाई थी कि उसे बेचा गया है।
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आरती
- फोटो : अमर उजाला
आरती ने बताया कि उसे परिवार की याद आई और मां उर्मिला देवी और पिता सूरज प्रसाद गुप्ता से मिलने के लिए उरई गई, लेकिन उनका कुछ भी नहीं पता चला। अब उसे दूसरे पति भगवान के साथ ही रहना है। किसी को अब सजा दिलवाना नहीं चाहती है। सोनू उसे राजस्थान में छोड़कर चला गया था। मायके वाले समझे कि मैं कहीं नहीं मिल रही, इसका मतलब सोनू ने हत्या की है। इसी में उसे सजा हुई। सभी निर्दोष हैं जो कुछ भी हुआ, वह सब अनजाने में हुआ है।
वहीं पहले पति सोनू ने बताया कि 'मैंने आरती को महुवा से जयपुर की बस में बैठाया, इसके बाद टिकट लेने गया। मैंने दो टिकट ली, जब तक लौटकर आया बस वहां से चल दी। इसके बाद मैंने आरती को बालाजी तक तलाश किया लेकिन वो नहीं मिली। आरती द्वारा उसे छोड़कर जाने की बात गलत है। अगर मुझे आरती को छोड़ना होता तो शादी क्यों करता।'
वहीं पहले पति सोनू ने बताया कि 'मैंने आरती को महुवा से जयपुर की बस में बैठाया, इसके बाद टिकट लेने गया। मैंने दो टिकट ली, जब तक लौटकर आया बस वहां से चल दी। इसके बाद मैंने आरती को बालाजी तक तलाश किया लेकिन वो नहीं मिली। आरती द्वारा उसे छोड़कर जाने की बात गलत है। अगर मुझे आरती को छोड़ना होता तो शादी क्यों करता।'
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माता-पिता
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