दुनिया के सातवें अजूबे से महज 500 मीटर दूरी पर खोदाई और लगातार कूड़ा जलाने के कारण जहरीली हवाओं का हमला ताजमहल पर हुआ है। शुक्रवार को आगरा में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 262 पर रहा, लेकिन ताजमहल के पास पुरानी मंडी चौराहे पर यह 499 के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। हवाओं के कारण धूल कण ताजमहल पर पहुंच रहे हैं। पश्चिमी गेट स्थित श्मशान घाट चौराहे पर जबरदस्त हरियाली के बावजूद एक्यूआई 308 दर्ज किया गया। दरअसल, ताजमहल के पास स्मार्ट सिटी के कार्यों के कारण धूल के गुबार उड़ रहे हैं जिन्हें नियंत्रित करने के लिए कोई उपाय नहीं किए गए हैं।
Pollution in Agra: ताजमहल पर धूल कणों का हमला, आगरा में खतरनाक स्तर पर पहुंचा प्रदूषण
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत ताजमहल के नजदीक नौ वार्ड और उससे सटे क्षेत्रों में पानी की पाइपलाइन, सीवर लाइन और सड़क निर्माण कार्य के लिए खुदाई का काम चल रहा है। एक महीने से लगातार खुदाई का असर यह रहा कि ताजमहल पर प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है।
दिसंबर और जनवरी के कोहरे के दौरान आगरा का वायु प्रदूषण 400 के पार पहुंचता था, लेकिन लगातार खुदाई के कारण उड़ रही धूल और मिट्टी से अक्तूबर में ही 500 के पास पहुंच गया। प्रदूषण जांच के उपकरणों से प्राप्त आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है कि सबसे ज्यादा प्रदूषण पुरानी मंडी चौराहे पर है, जहां वायु गुणवत्ता 499 तक पहुंच गई। ताजमहल पर दक्षिण पश्चिम, दक्षिण पूर्व दिशा से हवा चलने पर सभी धूलकण ताजमहल के मुख्य गुंबद तक पहुंच रहे हैं।
स्थान - एक्यूआई
पुरानी मंडी - 499
छीपीटोल - 489
ईदगाह - 357
शाहगंज - 310
आगरा किला - 308
श्मशान घाट - 308
विभव नगर - 293
हाथी घाट - 267
सदर बाजार - 255
गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी आगरा देश का छठवां सबसे प्रदूषित शहर रहा। सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर बागपत रहा, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 290 रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई एयर क्वालिटी इंडेक्स की सूची में आगरा का एक्यूआई 262 रहा। ताजनगरी की जहरीली हवाओं में सबसे ज्यादा योगदान पर्टिकुलेट मैटर 2.5 माइक्रोग्राम का है। बेहद बारीक धूल कणों के कारण आगरा की हवा प्रदूषित हुई है। देश का दूसरा प्रदूषित शहर भिवाड़ी तीसरा बल्लभगढ़ चौथा मुजफ्फरनगर और पांचवां बुलंदशहर रहा।