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प्रदूषण ने उड़ाई ताजनगरी की 'नींद', जहरीली धुंध से 'सांसों' पर संकट, हालात हुए खतरनाक
Sat, 16 Nov 2019 09:40 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 16 Nov 2019 09:40 AM IST
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मास्क पहने पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदूषण के चलते आगरा में स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। गुरुवार को एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 317 तक पहुंच गया। ऐसे में धुंध ने लोगों की हालत बेहद खराब कर दी है। एसएन मेडिकल कॉलेज में बीते तीन दिन में 35 फीसदी तक मरीज बढ़ गए हैं। सामान्य लोगों में नाक की एलर्जी, आंखों में जलन की परेशानी हो रही है। इससे लोगों को रात में सोना दूभर हो गया है। चिकित्सकों का मानना है कि एक्यूआई और बढ़ा तो हालात और ज्यादा मुश्किल होंगे।
स्मॉग की वजह से धुंधला दिखा ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
मेडिसिन विभाग में गुरुवार को 640 मरीज आए, इसमें से 310 मरीज एलर्जी, अस्थमा और दमा के रहे। चिकित्सकों को मरीज की सांस अनियंत्रित, फेफड़ों में संक्रमण मिला। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि दमा, एलर्जी और सांस रोगियों के लिए यह मौसम बेहद खतरनाक है। सांस फूलना, खांसी, छाती में दर्द, तेज गति से सांस और छोटी-छोटी सांस ले रहे हैं। इनको नियंत्रित करने के लिए एंटीबायोटिक की डोज बढ़ाकर देनी पड़ रही है। मर्ज बढ़ने से नींद पूरी नहीं हो रही, वह चिड़चिड़े हो रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में मरीज को लेकर जाता तीमारदार
- फोटो : अमर उजाला
वक्ष एवं क्षय रोग विभाग में शुक्रवार को 240 मरीज पहुंचे, इसमें से 190 मरीज दमा और सांस के रहे। विभागाध्यक्ष ने बताया कि पिछले सप्ताह ओपीडी 160-190 तक हो रही थी, लेकिन तीन-चार दिन में मरीज बढ़े हैं, गुरुवार को अस्थमा अटैक के पांच मरीज और एक सांस रोगी को भर्ती किया है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि टीबी मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। धुंध से बलगम में खून भी आने लगा है।
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धुंध से परेशान से लोग
- फोटो : अमर उजाला
धुंध ने बच्चों की भी मुसीबत खड़ी कर दी है। इसकी वजह से निमोनिया के मरीज बढ़ गए हैं। इंडियन पीडियाट्रिक्स एसोसिएशन के सचिव डॉ. अरुण जैन ने बताया कि सांस के जरिये स्मॉग फेफड़ों में पहुंचने पर बलगम जमने से बच्चों को निमोनिया हो रहा है। हर पांचवें बच्चे को स्मॉग के चलते दिक्कत हो रही है। एसएन के बाल रोग विभाग के डॉ. शिवप्रताप सिंह ने बताया कि ओपीडी में दमा पीड़ित बच्चों को संक्रमण होने से घर्र-घर्र की आवाज, छाती में दर्द की भी शिकायत मिल रही है।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
धुंध ने नाक-आंख में परेशानी के मरीज भी बढ़ा दिए हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग की डॉ. स्निग्धा सेन ने बताया कि प्रदूषण के कण आंखों में पहुंचकर खुजली कर रहे हैं, इससे आंखें लाल होना पानी बहने की शिकायत है। हर तीसरे मरीज में यह परेशानी मिल रही है। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. आलोक मित्तल ने बताया कि धुंध से नाक में एलर्जी, छींक आना, खुजली की परेशानी वाले मरीज ज्यादा आ रहे हैं। इसमें बच्चे और कामकाजी लोगों की संख्या ज्यादा है।