आगरा के थाना ताजगंज क्षेत्र के गांव करभना के ट्रैक्टर चालक पवन कुमार यादव की मौत के बाद चौकी तोरा फूंकने के मामले में मुख्य आरोपियों की पहचान हो गई, लेकिन 12 दिन बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इनके अलावा भी 50 आरोपी चिह्नित हो चुके हैं, लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। पुलिस का कहना है कि दबिश दी जा रही है। आरोपी घरों से फरार हो गए हैं।
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इसी ट्रैक्टर के नीचे दबकर हुई थी चालक की मौत
- फोटो : अमर उजाला
31 दिसंबर 2020 को गांव करभना निवासी पवन ट्रैक्टर-ट्रॉली में बालू लेकर गांव की तरफ आ रहा था। परिजनों का आरोप था कि रास्ते में दो सिपाहियों ने ट्रैक्टर को रोकने का प्रयास किया। तभी पवन ने ट्रैक्टर भगा दिया। ट्रैक्टर-ट्रॉली रास्ते में पलट गई। इससे उसकी मौत हो गई।
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बवाल के दौरान उपद्रवियों ने चौकी में लगा दी थी आग
- फोटो : अमर उजाला
इस घटना के बाद गुस्साए लोगों ने पुलिसकर्मियों से मारपीट की थी। तोरा पुलिस चौकी में आग लगा दी थी। कई वाहनों को फूंक दिया था। इस घटना में पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज किए। इनमें 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
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तोरा चौकी बवालः हाथ में कैन लेकर भाग रहे युवक, इन्हीं पर है आग लगाने का आरोप
- फोटो : अमर उजाला
चौकी फूंकने के मामले में पुलिस ने 50 आरोपियों को वीडियो फुटेज के आधार पर चिह्नित किया था। इनके अलावा वीडियो में दो आरोपी भागते नजर आए थे। इनमें से एक हाथों में प्लास्टिक की केन लिए था। पुलिस ने बताया कि इन्हीं दोनों ने चौकी फूंकी थी। केन में पेट्रोल लेकर आए थे। उनकी पहचान हो गई है।
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तोरा चौकी बवाल के उपद्रवियों के पोस्टर किए गए चस्पा
- फोटो : अमर उजाला
क्षेत्राधिकारी (सीओ) सदर राजीव कुमार ने बताया कि चिह्नित सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दबिश जारी है। आरोपी घरों से फरार हो गए हैं। उनके रिश्तेदार और परिचितों पर शिकंजा कसा जा रहा है।