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फिरोजाबाद बस हादसा: बच सकती थी 14 लोगों की जान, अगर नहीं बरती जाती लापरवाही
Sat, 15 Feb 2020 12:54 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 15 Feb 2020 12:54 AM IST
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फिरोजाबाद बस हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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फिरोजबाद के सिरसागंज क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर बुधवार रात को हुआ हादसा कई लोगों की लापरवाही का नतीजा है। टायर फटने से ट्रॉला एक्सप्रेसवे पर करीब 45 मिनट खड़ा रहा, लेकिन हाईवे और यूपीडा का पेट्रोलिंग गाड़ियों ने संज्ञान नहीं लिया। हाईवे पेट्रोलिंग एक्सप्रेसवे पर खडे़ खराब ट्रॉला के आसपास बैरीकेडिंग कर देती तो शायद हादसा नहीं होता।
फिरोजाबाद बस हादसा
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार रात आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर भदान के पास हुए बस हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई। 30 अधिक लोग घायल हो गए। हादसे के लिए जहां ट्रॉला व बस चालक जिम्मेदार हैं, वहीं हाईवे पर पेट्रोलिंग करने वाली पुलिस और यूपीडा की गाड़ियों पर तैनात कर्मचारी भी कम जिम्मेदार नहीं। एक्सप्रेसवे के कठफोरी कट पर पेट्रोलिंग गाड़ी का प्वाइंट है। वहीं यूपीडा की पेट्रोलिंग गाड़ियां भी राउंड पर रहती हैं। कठफोरी से लेकर फतेहाबाद तक जिले की सीमा क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग के लिए डायल 112 की चार गाड़ियां रहती हैं।
फिरोजाबाद बस हादसा
- फोटो : अमर उजाला
एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 71 पर ट्रॉला का टायर फट गया था। इसके बाद करीब पौन घंटे में चालक ने पहिया बदला। इसी दौरान आई बस ट्रॉला में घुस गई। यहां सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि पौन घंटे तक खराब स्थिति में ट्रॉला एक्सप्रेसवे पर खड़ा रहा तब तक हाईवे पर पेट्रोलिंग करने वाली गाड़ियां कहां थी। रात के समय जब इस एक्सप्रेसवे पर वाहन फर्राटा भरते हैं उस समय पर खराब खडे़ ट्रॉला का संज्ञान हाईवे पेट्रोलिंग ने क्यों नहीं लिया। जबकि हाईवे पेट्रोलिंग की गाड़ियां लगातार पेट्रोलिंग का दावा करती हैं।
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फिरोजाबाद बस हादसा
- फोटो : अमर उजाला
13 किलोमीटर दूरी पर थी यूपीडा की पेट्रोलिंग गाड़ी
यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की जो गाड़ी बुधवार रात को माइलस्टोन 71 के आसपास पेट्रोलिंग पर थी उस गाड़ी पर तैनात कर्मचारी का कहना है कि जिस समय हदसा हुआ उस समय पेट्रोलिंग गाड़ी माइलस्टोन 58 पर थी। जानकारी होते ही गाड़ी को कट से घुमाया और 15 मिनट में घटना स्थल पर पहुंच गए थे। कर्मचारी ने कहा कि ट्रॉला का पहिया खराब होने और हादसे के बीच बीस मिनट का ही फासला था।
यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की जो गाड़ी बुधवार रात को माइलस्टोन 71 के आसपास पेट्रोलिंग पर थी उस गाड़ी पर तैनात कर्मचारी का कहना है कि जिस समय हदसा हुआ उस समय पेट्रोलिंग गाड़ी माइलस्टोन 58 पर थी। जानकारी होते ही गाड़ी को कट से घुमाया और 15 मिनट में घटना स्थल पर पहुंच गए थे। कर्मचारी ने कहा कि ट्रॉला का पहिया खराब होने और हादसे के बीच बीस मिनट का ही फासला था।
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हादसे का शिकार हुई बस
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पांच किमी दूरी पर रहती है पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी
कठफोरी कट से एक्सप्रेसवे पर हुए घटना स्थल की दूरी मात्र पांच किलोमीटर है। इस पर पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी रहती है। ट्रॉला का पहिया फटने पर पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी भी नहीं पहुंच पायी थी। हालांकि एक्सप्रेसवे पर किसी वाहन के खराब होने पर उसे हटाने या बेरीकेडिंग करने का जिम्मा यूपीडा की पेट्रोलिंग का है।
कठफोरी कट से एक्सप्रेसवे पर हुए घटना स्थल की दूरी मात्र पांच किलोमीटर है। इस पर पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी रहती है। ट्रॉला का पहिया फटने पर पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी भी नहीं पहुंच पायी थी। हालांकि एक्सप्रेसवे पर किसी वाहन के खराब होने पर उसे हटाने या बेरीकेडिंग करने का जिम्मा यूपीडा की पेट्रोलिंग का है।