विकास चीख रहा था, मेरी मदद करो, पत्नी जल रही है, उसे बचाओ..। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लोग वाहनों से चलते रहे। उसकी चीख सुनकर जो रुके, वे जलती कार को देखते और आगे बढ़ जाते। यह सिलसिला एक घंटे तक चला। 500 से ज्यादा वाहन इस दौरान वहां से गुजरे, लेकिन इनमें सवार लोगों में से एक भी मदद के लिए आगे नहीं आया। आग में झुलसे विकास की आंखों देखी सुनकर हर कोई दहल गया। हादसा 31 दिसंबर की रात हुआ, जब लखनऊ के मोहनलाल गंज निवासी विकास पत्नी रीमा के साथ कार से घर जा रहा था। अगली स्लाइड्स में पढ़ें कैसे हुआ दर्दनाक हादसा...
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एक्सप्रेसवे हादसा: एक घंटे तक चीखता रहा पति, मदद को नहीं आया कोई, कार में जिंदा जल गई पत्नी
Sat, 02 Jan 2021 05:34 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 02 Jan 2021 05:34 PM IST
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आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसा: रीमा का फाइल फोटो और अस्पताल में भर्ती विकास
- फोटो : अमर उजाला
रात के ढाई बजे थे, घना कोहरा था। कार के बोनट की तरफ से धुआं निकला तो कार चला रहे विकास ने कोहरा ही समझा। रीमा ने कहा कि यह कोहरा नहीं है, धुआं है। धुआं गाड़ी से ही निकल रहा था। इस पर विकास ने गाड़ी रोकी और नीचे उतरा। उसने कहा कि अभी बोनट खोलकर देखता हूं, शायद इंजन गर्म हो गया है। यह गाड़ी विकास की ही है। उसने 2012 में खरीदी थी। छोटी मोटी खराबी आने पर वह खुद ही ठीक कर लेता था।
आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसा: अस्पताल में भर्ती विकास
- फोटो : अमर उजाला
उसने पुलिस को बताया कि सर्दी के कारण सभी शीशे बंद थे। वह बाहर निकला तो सेंट्रल लॉक लग गया। चाभी गाड़ी के अंदर थी। उसने बोनट खोला तो तेजी से धुआं निकला और अगले ही पल आग लग गई। वह पीछे हटा, तभी आग फैल गई। मुश्किल से दो मिनट के भीतर कार धूं-धूं कर जलने लगी। उसे कुछ सूझ ही नहीं रहा था कि क्या रहे। कार के अंदर रीमा फंसी थी।
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आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसा: इसी कार में लगी थी आग
- फोटो : अमर उजाला
विकास मदद के लिए चिल्लाने लगा, कोई नहीं आया तो उसने गेट खोलने की कोशिश की। हाथ झुलस गए, लेकिन गेट नहीं खुला। इसके बाद वह फिर से चीखने लगा, लेकिन मदद के लिए कोई नहीं आया। पुलिस एक घंटे बाद आई, तब तक पत्नी दम तोड़ चुकी थी। तभी दमकल आई, उसने आग बुझाई।
10 दिन पहले ही यमुना एक्सप्रेसवे पर पांच लोग जिंदा जले थे
दस दिन पहले ही (22 दिसंबर को) यमुना एक्सप्रेसवे पर कार में आग लग जाने से पांच लोग जिंदा जल गए थे। यह हादसा कार में ट्रक की टक्कर से हुआ था। ट्रक यू टर्न ले रहा था तभी कार उसमें घुस गई थी।
10 दिन पहले ही यमुना एक्सप्रेसवे पर पांच लोग जिंदा जले थे
दस दिन पहले ही (22 दिसंबर को) यमुना एक्सप्रेसवे पर कार में आग लग जाने से पांच लोग जिंदा जल गए थे। यह हादसा कार में ट्रक की टक्कर से हुआ था। ट्रक यू टर्न ले रहा था तभी कार उसमें घुस गई थी।
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आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे
- फोटो : Social
एक्सप्रेसवे पर न एंबुलेंस मिलती है और न पुलिस की मदद
ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब फोन करने पर भी पुलिस और दमकल एक घंटे में पहुंची। यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लगभग हर हादसे के बाद यही बात सामने आती है। यदि कार में आग लग जाए और दमकल एक घंटे में आए तो कोई कैसे बच सकता है। यमुना एक्सप्रेसवे पर जब पांच लोग जिंदा जले, तब एक्सप्रेसवे की दमकल आग बुझा नहीं पाई थी। अब आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक घंटे बाद पहुंची।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब फोन करने पर भी पुलिस और दमकल एक घंटे में पहुंची। यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लगभग हर हादसे के बाद यही बात सामने आती है। यदि कार में आग लग जाए और दमकल एक घंटे में आए तो कोई कैसे बच सकता है। यमुना एक्सप्रेसवे पर जब पांच लोग जिंदा जले, तब एक्सप्रेसवे की दमकल आग बुझा नहीं पाई थी। अब आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक घंटे बाद पहुंची।