बस हाईजैक मामले में दिल्ली निवासी दो आरोपी मनोज बघेल और सूरज बघेल सोमवार सुबह हाथों में पोस्टर लेकर मलपुरा थाना पहुंचे। पोस्टरों पर लिखा था, बस हाईजैक मामले में हमारा नाम आया है, हम सरेंडर करने के लिए आए हैं। पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए नजदीक आई तो बोले कि हम कुछ नहीं कहेंगे आप हमें पीटना नहीं। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
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ढाबा से बरामद हुई हाइजैक बस
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18 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे दो कारों में सवार बदमाशों ने न्यू दक्षिणी बाईपास पर 34 सवारियों से भरी ग्वालियर की कल्पना ट्रेवल्स की बस को हाईजैक कर लिया था। बस में चालक रमेश निवासी डबरा मध्यप्रदेश, परिचालक राम विलास निवासी चंदेला छतरपुर मध्य प्रदेश और हेल्पर भोला निवासी देवरी कला, ग्वालियर था।
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बस हाइजैक प्रकरणः मठभुड़ में घायल प्रदीप से पूछताछ करते पुलिस अधिकारी
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उन्होंने सवारियों की टिकट के 23600 रुपये भी ले लिए थे। बाद में पुलिस ने इटावा से बस बरामद की थी। जांच में आरोपी प्रदीप गुप्ता समेत 12 लोगों के नाम सामने आए थे। यह मामला मलपुरा थाना में दर्ज है। थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़
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जांच में आरोपी प्रदीप गुप्ता समेत 12 लोगों के नाम सामने आए थे। मामले में शुक्रवार को पुलिस ने एक आरोपी नंदनगरी दिल्ली के हरिविंदर को दिल्ली से ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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बस हाईजैक करने के आरोपी
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भइया... यूपी में पुलिस गोली मार देती है
गिरफ्तारी हो जाने के बाद दोनों ने मीडियाकर्मियों से कहा कि वे सरेंडर करने के लिए आए हैं, हाथों में पोस्टर इसलिए लाए ताकि पुलिस उन्हें मुठभेड़ में गिरफ्तार न दिखाए। उन्होंने सुना है कि यूपी में पुलिस गिरफ्तारी बाद में करती है, पहले पैर में गोली मार देती है।