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लॉकडाउन का असर: हवा की गुणवत्ता में दिखा बड़ा फर्क, दो महीने बाद मिली 'सेहतमंद सांस'
Sun, 12 Jul 2020 12:29 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 12 Jul 2020 12:29 PM IST
सार
3 मई को 39 पर पहुंचा था एक्यूआई
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ताजमहल के पार्श्व में बहती यमुना नदी (फाइल फोटो)
- फोटो : मनीष शर्मा
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आगरा में लॉकडाउन के पहले ही दिन वाहन बंद होने और सख्ती से पालन किए जाने के कारण शनिवार को आगरा की हवा की गुणवत्ता बेहतर रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी किए गए एयर क्वालिटी इंडेक्स में आगरा का एक्यूआई 39 पर रहा जो सबसे अच्छा है। इससे पहले तीन मई को यानी 68 दिन पहले हवा की गुणवत्ता इतनी अच्छी रही थी।
लॉकडाउन में आगरा शहर
- फोटो : अमर उजाला
फैक्टरी, वाहन बंद होने और वायु प्रदूषण के अन्य कारणों के बंद होने के कारण शनिवार को हवा की गुणवत्ता सुधर गई। अनलॉक में पूरे जून माह में हवा की गुणवत्ता 100 से 150 तक बनी रही, जिसमें कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा मानकों से 40 गुना तक ज्यादा पहुंच गई और धूल कणों की मात्रा भी बढ़ती रही, लेकिन बारिश के बाद तुरंत ही लॉकडाउन घोषित हो जाने से शनिवार को हवा में अप्रत्याशित सुधार आया।
लॉकडाउन के दौरान शहर का हाईवे
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को अति सूक्ष्म कणों (पीएम 2.5), कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइ-ऑक्साइड, सल्फर डाइ-ऑक्साइड और ओजोन की अधिकतम मात्रा में गिरावट आई। एयर क्वालिटी इंडेक्स महज 39 रहा जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद अच्छा है।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट में आगरा में अनलॉक के दौरान 16 दिन हवा की गुणवत्ता खराब रही है, जबकि जुलाई में भी लॉकडाउन से पहले दस दिनों में हवा की गुणवत्ता में उतार चढ़ाव आते रहे। जुलाई में अब तक 100 के आसपास ही एयर क्वालिटी इंडेक्स रहा है, जबकि लॉक डाउन होते ही वाहनों की संख्या में कमी आने से संजय प्लेस के ऑटोमेटिक स्टेशन पर हवा की गुणवत्ता बेहतर हो गई।
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लॉकडाउन में खाली पड़ा हरीपर्वत चौराहा
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी भुवन प्रकाश यादव के मुताबिक बारिश होने के बाद धूल कण कम हो गए, वहीं वाहनों के बंद होने के कारण कार्बन मोनोऑक्साइड और सल्फर डाइक्साइड जैसी गैसें भी कम उत्सर्जित हुईं। इसी का असर वायु गुणवत्ता पर पड़ा है।