गर्मी के मौसम में बिजली कटते ही सबसे पहले घर में इन्वर्टर की जरूरत महसूस होती है। पंखा, लाइट, वाई-फाई और दूसरे जरूरी उपकरण चलाने के लिए लोग इन्वर्टर पर भरोसा करते हैं। लेकिन अगर कुछ समय बाद ही बैटरी जवाब देने लगे और पहले के मुकाबले बैकअप काफी कम मिल रहा हो, तो हर बार इसकी वजह सिर्फ बिजली कटना नहीं होती। इन्वर्टर की बैटरी की क्षमता और बैकअप पर उसके इस्तेमाल, लोड और रखरखाव का सीधा असर पड़ता है। कुछ छोटी-छोटी गलतियां बैटरी को जल्दी डिस्चार्ज कर सकती हैं और उसकी क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।
इन्वर्टर की बैटरी जल्दी खत्म होने लगी? नई बैटरी खरीदने से पहले ये जरूर चेक करें
Inverter: इन्वर्टर की बैटरी का जल्दी डिस्चार्ज होना हमेशा बैटरी खराब होने का संकेत नहीं है। ज्यादा लोड, पुरानी या ठीक से मेंटेन न की गई बैटरी, पानी का स्तर कम होना, ढीले कनेक्शन और जरूरत से ज्यादा डीप डिस्चार्ज जैसी वजहें इसकी बैकअप क्षमता कम कर सकती हैं। सही इस्तेमाल और समय पर रखरखाव से बैटरी की लाइफ बेहतर रखी जा सकती है।
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जरूरत से ज्यादा लोड न डालें
इन्वर्टर की क्षमता सीमित होती है। अगर एक साथ जरूरत से ज्यादा उपकरण चला दिए जाएं तो बैटरी तेजी से डिस्चार्ज होगी। खासकर ज्यादा पावर लेने वाले उपकरणों को इन्वर्टर पर चलाने से बैकअप कम मिल सकता है। इसलिए इन्वर्टर की क्षमता के हिसाब से ही लोड रखना बेहतर है। बिजली जाने पर सिर्फ जरूरी उपकरण चलाने से बैटरी पर अनावश्यक दबाव कम किया जा सकता है।
बैटरी को बार-बार पूरी तरह डिस्चार्ज न होने दें
बैटरी को बार-बार बहुत ज्यादा डिस्चार्ज करना उसकी सेहत पर असर डाल सकता है। अगर बिजली कटने के बाद बैटरी लगभग पूरी तरह खत्म हो जाती है और ऐसा लगातार होता रहता है तो समय के साथ बैकअप क्षमता कम हो सकती है। हालांकि बैटरी का व्यवहार उसके प्रकार और तकनीक पर भी निर्भर करता है। इसलिए अपनी बैटरी के निर्माता की गाइडलाइन के अनुसार इस्तेमाल करना सबसे बेहतर है।
पानी का लेवल भी रखें सही
अगर आपके पास ऐसी बैटरी है जिसमें इलेक्ट्रोलाइट के लिए पानी भरना पड़ता है तो उसमें पानी का स्तर समय-समय पर जांचना जरूरी है। कम पानी होने पर बैटरी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। लेकिन इसमें मनमाने तरीके से कोई भी पानी नहीं डालना चाहिए। बैटरी निर्माता की बताई प्रक्रिया और सही प्रकार के पानी का ही इस्तेमाल करें।
कनेक्शन ढीले तो नहीं?
बैटरी के टर्मिनल या कनेक्शन ढीले, गंदे या जंग लगे हों तो भी समस्या हो सकती है। ऐसे में करंट का प्रवाह प्रभावित हो सकता है और इन्वर्टर ठीक तरह से काम नहीं कर सकता। बैटरी और इन्वर्टर के कनेक्शन की समय-समय पर जांच करवाना इसलिए जरूरी है।
पुरानी बैटरी में कम हो सकता है बैकअप
बैटरी की उम्र बढ़ने के साथ उसकी क्षमता धीरे-धीरे कम हो सकती है। अगर पहले जहां इन्वर्टर कई घंटे चलता था, वहीं अब थोड़ी देर में बैटरी खत्म हो जाती है तो बैटरी की उम्र और उसकी स्थिति की जांच करानी चाहिए। यानी हर बार नई बैटरी खरीदने से पहले यह पता लगाना जरूरी है कि समस्या असल में कहां है। सही लोड, सही चार्जिंग और नियमित रखरखाव से इन्वर्टर बैटरी को बेहतर स्थिति में रखा जा सकता है।
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