ग्रहों की शुभ-अशुभ स्थिति का हमारे जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है। कुंडली में जब किसी ग्रह की स्थिति मजबूत होती है तो जातकों को उसके अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं। जबकि इसके विपरीत अगर ग्रह कमजोर होते हैं तो जातकों को उसके विपरीत परिणाम भी भुगतने पड़ते हैं। ग्रहों के अशुभ प्रभाव से जातकों को सेहत से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ग्रहों का संबंध बीमारियों से भी होता है।
ग्रहों का आपकी बीमारियों से होता है संबंध, जानें कैसे बचें
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सूर्य ग्रह सभी ग्रहों का राजा है। सूर्य के अशुभ प्रभाव से जातकों को आंखों और सिर से संबंधित रोग होने लगते हैं। कुंडली में सूर्यदेव की मजबूती के लिए रोजाना सूर्योदय के समय सूर्य भगवान को जल चढ़ाना चाहिए।
चंद्र ग्रह का संबंध जल और मन से है। ऐसे में यदि कुंडली में चंद्र ग्रह कमजोर होता है तो व्यक्ति को कफ और मानसिक बीमारी होने लगती हैं। कुंडली में चंद्र ग्रह को मजबूत बनाने के लिए सोमवार के दिन शिवजी की आराधना करनी चाहिए।
मंगल ग्रह का संबंध रक्त से है। अत: कुंडली में मंगल के अशुभ होने पर व्यक्ति को खून से संबंधित बीमारियां ज्यादा होने लगती हैं। मंगल को मजबूत बनाने के लिए मंगलवार के दिन हनुमान जी की आराधना करें और मंगलवार का व्रत करें।
बुध ग्रह का संबंध त्वचा से है। बुध ग्रह के कमजोर होने पर व्यक्ति को त्वचा से जुड़ी बीमारियां होने लगती हैं। बुध ग्रह की शुभता पाने और उससे जुड़े दोष को दूर करने के लिए गाय को हरी घास खिलाना चाहिए।