राजधानी शिमला में नशे के बढ़ते काले धंधे में कुछ कॉलेज छात्र भी उतर चुके हैं। यह खुलासा एक नशेड़ी युवक ने एक वायरल वीडियो में किया है। अब तक पकड़े गए मामलों में कॉलेज छात्र नशा करने तक शामिल थे लेकिन अब नशा बेचने का धंधा भी करने लगे हैं। युवा सूंघकर, चिल्म सुलगाकर और शरीर की नशों में इंजेक्शन लगाकर नशा कर रहे हैं। युवक ने वीडियो में बताया कि नशा दिल्ली से खरीदकर लाकर यहां बेचा जाता है।
मल्याणा रोड पर शिमला आईटीआई के पूर्व चेयरमैन धर्मपाल ठाकुर ने इस युवक को सड़क किनारे पकड़ा। युवक यहां बैठकर ड्रग्स ले रहा था। युवक मल्याणा का ही रहने वाला है। धर्मपाल ने इस सारी घटना का फेसबुक पर लाइव किया। 24 घंटे में इस वीडियो को करीब 50 हजार लोग देख चुके हैं। 1500 बार वीडियो शेयर किया गया है। वीडियो में युवक का चेहरा कपड़े से ढका हुआ और आंखों पर काला चश्मा है। वीडियो में युवक कह रहा है मुझे माफ कर दो, मैं ड्रग्स लेता हूं। शिमला में नशे का बहुत गंदा माहौल है। यहां ज्यादातर युवा नशे की चपेट में आ चुके हैं। मुझे आज अंकल ने पकड़ लिया और बहुत मारा। मुझे बचा लो। मैं सबके नाम सच-सच बता देता हूं मुझे छोड़ दो प्लीज। पुलिस नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई करें।
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युवक ने वीडियो में शिमला के संजौली, परिमहल, पंथाघाटी और थाचडू के नाम बताए हैं। वहां पर नशे का कारोबार करने वालों के नाम का खुलासा भी किया है। युवक कह रहा है कि शिमला के कॉलेजों के लड़के नीग्रो (नाइजीरियन) समुदाय से दिल्ली से सामान खरीद कर लाते हैं और यहां लाकर बेच देते हैं।
युवक ने बताया कि सिल्वर फॉयल पेपर पर ड्रग्स को रखने के बाद उसके नीचे लाइटर से आग जलाई जाती है। इसके बाद उठने वाले धुएं को सूंघा जाता है। इसके अलावा कुछ युवक रुपये के नोट की नली बनाकर फिर नशे की सामग्री को सूंघते हैं। चम्मच में ड्रग्स और पानी को मिलाकर इंजेक्शन के माध्यम से नशों में चढ़ाया जाता है।
धर्मपाल ठाकुर ने कहा कि सभी को नशे के कारोबार को लेकर सतर्क होने की जरूरत है। कल तक इस नशे की जड़ें हमारे घरों तक पहुंच सकती हैं। लोगों से अपील की कि वह शिमला यूथ प्रोग्रेसिव एसोसिएशन के एंटी ड्रग्स कंपेन से जुड़ें। अपने आसपास के माहौल पर नजर बनाए रखें तथा नशा करने और बेचने वालों के खिलाफ शिकायतें दें।