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115 साल का हो गया विश्व धरोहर कालका-शिमला रेल मार्ग

Sat, 10 Nov 2018 11:25 AM IST
सौरभ यादव, अमर उजाला, कालका
सौरभ यादव, अमर उजाला, कालका Updated Sat, 10 Nov 2018 11:25 AM IST
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World Heritage Kalka Shimla Rail track completed 115 years of its existence

विश्व धरोहर में शामिल ऐतिहासिक कालका-शिमला रेलवे मार्ग शुक्रवार को 115 साल हो गया है। 9 नवंबर 1903 को कालका- शिमला रेल मार्ग की शुरूआत हुई थी। अपने 115 वर्षों के सफर में यह रेलमार्ग कई इतिहास संजोए हुए है। उक्त रेलमार्ग उत्तर रेलवे के अंबाला डिवीजन के अंतर्गत आता है। देश-विदेश के सैलानी शिमला के लिए इसी रेलमार्ग से टॉय ट्रेन में सफर का लुत्फ उठाते हैं। 1896 में इस रेल मार्ग को बनाने का कार्य दिल्ली-अंबाला कंपनी को सौंपा गया था। रेलमार्ग कालका स्टेशन (656 मीटर) से शिमला (2,076 मीटर) तक जाता है। 96 किमी. लंबे इस रेलमार्ग पर 18 स्टेशन है। कालका-शिमला रेलमार्ग को केएसआर के नाम से भी जाना जाता है। 1921 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी इस मार्ग से यात्रा की थी।     

World Heritage Kalka Shimla Rail track completed 115 years of its existence

103 सुरंगें होती है सैलानियों के आकर्षण का केंद्र
कालका-शिमला रेलवे लाइन पर 103 सुरंगें सफर को और भी रोमांचक बनाती है। बड़ोग रेलवे स्टेशन पर 33 नंबर बड़ोग सुरंग सबसे लंबी है जिसकी लंबाई 1143.61 मीटर है। सुरंग क्रॉस करने में टॉय ट्रेन अढ़ाई मिनट का समय लेती है। रेलमार्ग पर 869 छोटे-बड़े पुल है जिस पर सफर और भी रोमांचक हो जाता है। पूरे रेलमार्ग पर 919 घुमाव आते हैं। तीखे मोड़ों पर ट्रेन 48 डिग्री के कोण पर घूमती है। कालका-शिमला रेलमार्ग को नैरोगेज लाइन कहते हैं। इसमें पटरी की चौड़ाई दो फीट छह इंच है।

World Heritage Kalka Shimla Rail track completed 115 years of its existence

जुलाई में मिला था विश्व धरोहर का दर्जा
कालका-शिमला रेलवे लाइन के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए यूनेस्को ने जुलाई 2008 में इसे वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल किया था। इसके अलावा कनोह रेलवे स्टेशन पर ऐतिहासिक आर्च गैलरी पुल 1898 में बना था। शिमला जाते हुए यह पुल 64.76 किमी. पर मौजूद है। आर्च शैली में निर्मित चार मंजिला पुल में 34 मेहराबें हैं। यह इंडियन रेलवे में आर्च गैलरी पुल सबसे बेहतरीन पुलों में शामिल है।

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बाबा भलकू के सहयोग से पूरी हुई थी सुरंग
कालका से 41 किमी दूर बड़ोग रेलवे स्टेशन के पास ही बड़ोग सुरंग है जिसे सुरंग नंबर 33 भी कहते हैं। 1143.61 मीटर लंबी सीधी सुरंग है। इस सुरंग को बनाते हुए जब दोनों सिरे नहीं मिले थे तो ब्रिटिश इंजीनियर कर्नल बड़ोग ने एक रुपया जुर्माना लगने के कारण आत्महत्या कर ली थी। बाद में बाबा भलकू के सहयोग से यह सुरंग पूरी हुई थी।

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बॉलीवुड के लिए भी रहा है आकर्षण केंद्र
कालका-शिमला रेलवे लाइन बॉलीवुड के लिए भी आकर्षण केंद्र रहा है। 1974 में आई सुपरहिट फिल्म ‘दोस्त’ का गाना ‘गाड़ी बुला रही है’ भी इसी मार्ग पर फिल्माया गया। 1960 में शम्मी कपूर की फिल्म ‘ब्वाय फ्रेंड’ का गाना ‘मुझको अपना बना लो’ कालका-शिमला रेलमार्ग पर शूट हुआ था। साल 2000 में आई प्रीति जिंटा की फिल्म ‘क्या कहना’ में भी कालका-शिमला रेल और उसके कुछ स्टेशनों की छवि देखी जा सकती है। इसके अलावा ऑल इज वेल, जब वी मेट, सनम रे और ‘रमैया वस्तावैया’ जैसी फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है।

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