जीएसटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना कई व्यापारियों के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है। व्यापारियों को अभी से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आइए जानते हैं आखिर कारोबारियों को क्या क्या दिक्कतें आ रही हैं।
दरअसल ज्यादातर कारोबारियों को रजिस्ट्रेशन कैसे करवाना है, इसकी पूरी जानकारी नहीं है। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन में क्या क्या प्रमाण पत्र साथ चाहिए ये भी कई कारोबारियों के पास उपलब्ध नहीं है। छोटे कारोबारियों को ज्यादा दिक्कत आ रही है।
वहीं, जीएसटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने की प्रक्रिया में भी देरी हुई है। हिमाचल के व्यापारियों और उद्योगपतियों ने आबकारी एवं कराधान विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष सोमेश वर्मा ने कहा कि हिमाचल में विभाग समय से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया नहीं शुरू कर सका। ऐसे में रजिस्ट्रेशन के कम ही दिन बच गए हैं। चूंकि हर व्यापारी को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है, ऐसे में दिन कम करना बेहद गलत है। व्यापारी व उद्योग संगठनों का सवाल है कि अगर मियाद पूरी होने के बाद व्यापारी का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा।
शर्मा ने आगे कहा कि अभी तक आम व्यापारी को जीएसटी से होने वाले फायदे-नुकसान के बारे में भी नहीं बताया है। ऐसे में एक सवाल यह भी है कि व्यापारी आखिर रजिस्ट्रेशन कराए ही क्यों।
शिमला व्यापार मंडल के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा कि जिस प्रक्रिया को पूरे देश में तय तिथि में शुरू और खत्म किया जा रहा है, उसे बड़ी आसानी से प्रदेश का आबकारी एवं कराधान विभाग चार दिन बाद शुरू करने की बात कह रहा है। वहीं, अगर व्यापारी से कर चुकाने में एक दिन की भी देरी हो जाए तो उसे जुर्माना वसूला जाता है। ऐसे में विभाग को रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि को भी आगे बढ़ाना चाहिए।