केंद्र के खिलाफ हिमाचल में ट्रेड यूनियनों ने बड़ी हड़ताल की। कामगारों के प्रदर्शन से यहां 5 हजार उद्योग बंद रहे, जगह-जगह चक्का जाम और बंद के कारण राज्य को भारी चपत लगी है।
हिमाचल में हड़ताल से हजारों उद्योगों में काम ठप, चक्का जाम, तस्वीरें
केंद्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर एटक, इंटक और सीटू की संयुक्त हड़ताल का औद्योगिक जिला सोलन में मिलाजुला असर रहा। अधिकांश 5000 छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों में कामकाज लगभग ठप रहा। अनुमान के मुताबिक 100 करोड़ से अधिक का उत्पादन नहीं हुआ। परवाणू में उद्यमियों ने खतरे और तोड़फोड़ की आशंका को देखते हुए रविवार के बजाय शुक्रवार को ही कर्मचारियों को विकली ऑफ दे दिया।
हिमाचल के विभिन्न शहरों में शुक्रवार को ट्रेड यूनियनों ने हल्ला बोला। ब्लॉक, जिला स्तर तक धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम किए गए। शिमला में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। सचिवालय घेराव को जा रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेट्स लगाए थे। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेट्स हटाने का प्रयास किया। इसको लेकर झड़प हो गई। छोटा शिमला में करीब आधा घंटा चक्का जाम किया। शहरवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
शिमला सहित पूरे प्रदेश में मजदूरों और कर्मचारियों की हड़ताल रही। सीटू राज्य सचिव एवं संयुक्त मंच के शिमला जिला संयोजक विजेंद्र मेहरा ने दावा किया है कि प्रदेश के उद्योगों, आंगनबाड़ी, मिड-डे मील, होटलों, स्कूलों, निर्माण क्षेत्र, बीमा, बैंकों, बीएसएनएल, पोस्टल सर्विसेज, एसजेवीएनएल, अस्पतालों, बिजली परियोजनाओं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, रेहड़ी-फड़ी, रेलवे कुलियों, सीएंडसी ने हड़ताल की।
राजधानी में होटलों व रेस्तरां में काम करने वाले मजदूर हड़ताल पर रहे। मजदूरों के काम पर न आने के कारण होटलों व रेस्तरां में ताले लटके रहे। जिसके चलते काम काफी प्रभावित हुआ। लोग शहरों में खाना खाने के लिए इधर उधर भटकते नजर आए। देर शाम तक यही सिलसिला जारी रहा।