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110 साल पहले इस मंदिर को हिला भी नहीं पाया था 'जलजला'

Tue, 07 Apr 2015 01:48 PM IST
Updated Tue, 07 Apr 2015 01:48 PM IST
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110 साल पहले इस मंदिर को हिला भी नहीं पाया था 'जलजला'

Tower of Chehni Kothi and Shringa Rishi in kullu.

1905 में हिमाचल में आए भूकंप से करीब 28 हजार लोगों की मौत हो गई थी लेकिन देवता श्रृंगाऋषि के इस नौमंजिला मंदिर का बाल भी बांका नहीं हुआ था। जानिए इसका रहस्य। इनपुट: रोशन ठाकुर, फोटो: अजय कुमार

110 साल पहले इस मंदिर को हिला भी नहीं पाया था 'जलजला'

Tower of Chehni Kothi and Shringa Rishi in kullu.

1905 में हिमाचल में आए भयंकर भूकंप से करीब 28 हजार लोगों की मौत हो गई थी। सभी इमारतें भी जमींदोज हो गईं थी। इस भूकंप ने जहां कांगड़ा जिला में भारी तबाही मचाई थी तो वहीं कुल्लू जिला भी अछूता नहीं रहा था। भूकंप की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दो से तीन मंजिला मकान भी ढह गए थे। लेकिन हैरान भरा है कि जिला कुल्लू के बंजार घाटी की ऐतिहासिक नौ मंजिला मंदिर चैहणी 7.8 तीव्रता वाले भूकंप को मात दे गई थी।

110 साल पहले इस मंदिर को हिला भी नहीं पाया था 'जलजला'

Tower of Chehni Kothi and Shringa Rishi in kullu.

करीब 200 साल पुराने इस काष्ठकुणी मंदिर के अंतिम आठवी व नौवीं मंजिलों में हल्की दरारें आ गई थी। बाद में इन दोनों मंजिलों को गांव की सुरक्षा के लिहाज से गिरा दिया गया और अब इस ऐतिहासिक मंदिर की सात मंजिलों के साथ यहां आने वाले हर शख्स में कौतूहल व उत्सुकता पैदा कर रही है।

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110 साल पहले इस मंदिर को हिला भी नहीं पाया था 'जलजला'

Tower of Chehni Kothi and Shringa Rishi in kullu.

आपपास की इमारतें गिर गई थीं- 1905 में विनाशकारी भूकंप से कुल्लू में भी सैकड़ों लोगों की मौत हो गई थी। देवता श्रृंगाऋषि के कारदार राज कुमार का कहना है कि भूकंप की तीव्रता अधिक होने से मंदिर के आसपास कई दो-तीन मंजिला मकान ढह कर जमींदोज हो गए थे लेकिन मंदिर का बाल भी बांका नहीं हुआ था।

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110 साल पहले इस मंदिर को हिला भी नहीं पाया था 'जलजला'

Tower of Chehni Kothi and Shringa Rishi in kullu.

देवता श्रृंगा ऋषि का है ये मंदिर- सात मंजिला यह मंदिर अराध्य देवता श्रृंगाऋषि का है। श्रृंगाऋषि के कारदार राज कुमार कहते हैं कि मंदिर की देखभाल देवता के सभी भक्त करते हैं।

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