राजधानी शिमला में मौसम ने कई रंग दिखाए। सुबह के समय चटक धूप खिलने से लोगों ने ठंड से राहत महसूस की। दोपहर के समय आसमान में बादल घिर आए और करीब दो बजे हल्की ओलावृष्टि शुरू हो गई। शहर में जब ओले गिर रहे थे उस समय शोघी और तारादेवी में धूप खिली थी।
देखते ही देखते ओलावृष्टि बर्फबारी में बदल गई। आसमान से गिरते बर्फ के फाहे देखकर सैलानी खुशी से झूम उठे। मालरोड, रिज मैदान और कार्ट रोड पर सैलानियों ने मस्ती में नाचना शुरू कर दिया।
शहर में मौसम की पहली बर्फबारी ने इंतजामों की पोल खोलकर रख दी। लोकल सड़कें जाम हो गईं। कई इलाकों में बत्ती गुल हो गई। सड़कों पर बर्फ जमने से वाहन स्किड होते रहे और पूरा शहर जाम हो गया। नगर निगम और लोनिवि ने दावा किया था कि बारिश और बर्फबारी में लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा, लेकिन बर्फबारी ने इन दावों को हवा कर दिया है।
रविवार को सर्कुलर रोड पर विक्ट्री टनल से टॉलैंड, लक्कड़ बाजार से संजौली तक ट्रैफिक जाम हो गया। विक्ट्री टनल से टुटीकंडी क्रॉसिंग तक भी वाहनों की लंबी कतार लगी रही।
रविवार को बर्फबारी के बीच लोग और पर्यटक बेहाल हो गए। करीब पौने घंटे बर्फबारी के बाद कार्ट रोड पर बर्फ जमने से गाड़ियां स्किड होनी शुरू हो गई। ताराहाल, आईजीएमसी, नवबहार, ट्रिपल एच, बैम्लोई और टॉलैंड में गाड़ियां स्किड होने से ट्रैफिक जाम होना शुरू हो गया। कार्ट रोड पर विक्ट्री टनल से टालैंड और लक्कड़ बाजार से संजौली तक ट्रैफिक ठप हो गया।