कोरोना संकट की तीसरी लहर की आशंका के बीच हिमाचल प्रदेश के मुख्य पर्यटन स्थल चायल, कसौली और डलहौजी के होटल फिर पैक हो गए हैं।राजधानी शिमला के होटलों में आक्यूपेंसी 70 फीसदी तक पहुंच गई है। धर्मशाला जाने से सैलानी अभी भी डर रहे हैं। भागसूनाग और मैक्लोडगंज में पांच से सात प्रतिशत तक होटलों में ऑक्यूपेंसी सिमट गई है। बाढ़ का वीडियो वायरल होने के बाद कांगड़ा जिले के पर्यटन कारोबार को 500 करोड़ का नुकसान हुआ है।
मनाली में पिछले सप्ताह 2400 जबकि इस बार मात्र 800 वाहन ही पहुंचे हैं। इसमें 65 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है। इस वीकेंड पर सोलन जिले के पर्यटन स्थल चायल, बड़ोग और कसौली के होटलों में शत-प्रतिशत ऑक्यूपेंसी हो गई है। वीकेंड से पहले ही होटलों में शनिवार और रविवार के लिए बुकिंग शुरू हो गई थी। शनिवार को चायल और कसौली के होटल पैक रहे जबकि सामान्य दिनों में पर्यटकों की आवाजाही कम है।
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रिज पर सैलानी।
- फोटो : अमर उजाला
पर्यटन स्थल डलहौजी और खज्जियार स्थित होटल वीकेंड पर सौ प्रतिशत ऑक्सपेंसी दर्ज की गई। शेष दिनों में 50 प्रतिशत तक पर्यटकों की ऑक्यूपेंसी रही। जिला कांगड़ा में बीते सोमवार को हुई भारी बारिश का असर लोगों की जानमाल के साथ पर्यटन कारोबार पर भी पड़ा है।
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शिमला में उमड़े सैलानी।
- फोटो : अमर उजाला
पिछले वीकेंड पर पर्यटन नगरी धर्मशाला और मैक्लोडगंज के होटलों में सैलानियों की 70 फीसदी तक ऑक्यूपेंसी थी। भागसूनाग में बाढ़ से तबाही का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पर्यटकों में दहशत का माहौल बन गया है।
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शिमला में उमड़े सैलानी।
- फोटो : अमर उजाला
इससे इस वीकेंड पर पर्यटन नगरी में ऑक्यूपेंसी पांच से सात प्रतिशत तक सिमट कर रह गई है। शिमला के होटलों में 70 फीसदी तक ऑक्यूपेंसी पहुंच गई है। पिछले सप्ताह राजधानी में सौ फीसदी तक ऑक्यूपेंसी थी।
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रिज पर सैलानियों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को बड़ी संख्या में सैलानी देर शाम तक शिमला पहुंचते रहे। लिफ्ट कार पार्किंग दोपहर बाद 2 बजे पैक हो गई जिसके बाद एंट्री गेट पर नो पार्किंग का बोर्ड लगा दिया गया। सर्कुलर रोड को मालरोड से जोड़ने वाली पर्यटन विकास निगम की लिफ्ट से भी रात 10 बजे तक करीब 8000 सैलानी मालरोड पहुंचे।