14वें धर्मगुरु दलाईलामा की राजनीतिक विरासत संभालने वाले डॉ. लोबसंग सांग्ये ने लगातार दूसरी बार निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाल ली। इस दौरान नए पीएम ने तिब्बती समुदाय और धर्मगुरू दलाईलामा से माफी भी मांगी।
दलाईलामा के सामने नए पीएम ने मांगी माफी, फिर मना जश्न, तस्वीरें
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सांग्ये ने चुनाव प्रचार के दौरान नैतिक कमियों के लिए तिब्बती समुदाय से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि यह दुखद पल था जिसकी वजह से धर्मगुरु दलाईलामा भी व्यथित थे। मैंने इसके लिए धर्मगुरु से माफी भी मांगी है।
भविष्य में इस तरह की गलती कभी नहीं होगी, हम इसका प्रण लेते हैं। उनकी सरकार मध्य मार्ग नीति से तिब्बत की आजादी के लिए काम करेगी। सांग्ये ने दावा किया कि वे अगले पांच वर्षों में तिब्बत की स्वायत्तता हासिल कर सकते हैं।
शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि धर्मगुरु दलाईलामा ने कहा कि तिब्बत से बाहर रह रहे तिब्बती लोकतांत्रिक प्रणाली के तहत चुनी सरकार का जश्न मना रहे हैं, लेकिन तिब्बत में रह रहे हमारे भाई इस जश्न से महरूम हैं। धर्मगुरु ने कहा कि आज तिब्बत कठिन दौर से गुजर रहा है।
लोबसंग सांग्ये को पूरे अधिकार और तिब्बती लोगों के प्रति जिम्मेवारी समर्पित है। दलाईलामा ने कहा कि तिब्बती आंदोलन अहिंसा के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए। चुनाव प्रचार के दौरान मैं नैतिकता और क्षेत्रीय वफादारी के मकसद में हुई गिरावट से दुखी था। यह दुर्भाग्यपूर्ण था।