सैलानियों को किराये में वाहन और मोटर साइकिल देने वालों को अब हर साल सरकार को तय शुल्क देना होगा। सरकार ने अधिसूचना जारी कर ऐसे वाहनों पर 1000 रुपये से लेकर 6000 रुपये तक वार्षिक शुल्क तय किया है।
हिमाचल में टैक्सी कैब और मोटर साइकिल का सालाना शुल्क तय, पढ़ें पूरी सूची
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अभी तक पर्यटकों को टैक्सी किराये पर लेकर जाना पड़ता था, इसके साथ ही चालक के खाने पीने और रहने का खर्चा भी सैलानियों को उठाना पड़ता था। कई सैलानी खुद वाहन चलाकर प्रदेश के पर्यटक स्थलों में घूमना चाहते थे लेकिन उन्हें ऐसे वाहन नहीं मिल पाते थे।
सरकार ने पर्यटकों की इस जरूरत को देखते हुए वाहन और मोटर साइकिल किराये पर खुद चलाने की सुविधा को देखते हुए यह व्यवस्था की है। सरकार ने वाहनों की क्षमता के अनुसार वार्षिक शुल्क तय किया है
रेंट कैब वार्षिक शुल्क
1000 सीसी तक की क्षमता वाली गाड़ियां 2000 हजार
1000 से 2000 सीसी 3000 हजार
2000 सीसी से अधिक 6000 हजार
150 सीसी तक की क्षमता वाली बाइक 1000 हजार
150 से 500 सीसी तक 2000 हजार
500 सीसी से अधिक 3000 हजार