देखिए वो गर्म चश्मे जहां नहाते थे भगवान परशुराम
आज हम आपको वाकिफ करवाएंगे भगवान परशुराम की तपोस्थली तत्तापानी से। भगवान परशुराम की ये तपोस्थली हिमाचल के मंडी जिले में स्थित है। इनपुट: धर्मेंद्र पंडित, फोटो: नरेश भारद्वाज
देखिए वो गर्म चश्मे जहां नहाते थे भगवान परशुराम
निचोड़ी धोती से फूटे थे चश्मे- दंत कथा के अनुसार भज्जी क्षेत्र के राजा सहस्रबाहू ने भगवान परशुराम के पिता जमदग्नि ऋषि पर आक्रमण किया। उस समय परशुराम मणिकर्ण में गर्म पानी के चश्मे में स्नान कर रहे थे। जैसे उन्हें आक्रमण की सूचना मिली तो वह सीधे तत्तापानी के लिए रवाना हुए। कहते हैं कि तत्तापानी पहुंचकर ही उन्होंने धोती निचोड़ी थी। धोती को निचोड़ने पर जहां जहां छींटे पड़े, वहां गर्म पानी के चश्मे फूट पड़े।
देखिए वो गर्म चश्मे जहां नहाते थे भगवान परशुराम
चश्मों की महत्ता- माना जाता है कि मंडी जिले के करसोग उपमंडल के तहत तत्तापानी में गंधक युक्त गर्म पानी के इन चश्मों में स्नान करने से कई तरह के चर्म रोग और जोड़ों के दर्द ठीक हो जाते हैं। तुलादान के लिए मशहूर इस तीर्थ स्थल की तुलना हरिद्वार से भी की जाती है। हिमाचल के कई क्षेत्रों के लोग यहां अस्थियां भी बहाते हैं।
देखिए वो गर्म चश्मे जहां नहाते थे भगवान परशुराम
लेकिन देवभूमि हिमाचल में विकास परियोजनाओं के नाम पर ऐतिहासिक तीर्थ स्थलों का अस्तित्व आज मिटने लगा है। विष्णु भगवान के अवतार परशुराम की तपोस्थली माने जाने वाले तत्तापानी का इतिहास खत्म हो रहा है।
देखिए वो गर्म चश्मे जहां नहाते थे भगवान परशुराम
शिमला जिले से सटे तत्तापानी में गरम पानी के चश्मे जलमग्न हो गए हैं। धार्मिक महत्त्व के ये चश्मे सतलुज नदी पर बन चुकी 800 मेगावाट की कोल बांध परियोजना की जद में आ गए हैं।