मंडी में प्रस्तावित ग्रेट खली उर्फ दलीप सिंह राणा के रेसलिंग शो को लेकर चल रहे हाई वोल्टेज ड्रामा थमता नहीं दिख रहा। ग्रेट खली के शो में छिड़े सियासी दंगल के बीच प्रदेश सरकार ने यू टर्न ले लिया है।
खेल मंत्री गोविंद सिंह ने मंडी में मंगलवार को प्रेसवार्ता कर खली के रेसलिंग शो में कुर्सियां, टेंट, बैरिकेड्स के अलावा लॉजिस्टिक स्पोर्ट का ऐलान किया।
वन मंत्री ने कांग्रेस के नेता निशाना साधते हुए कहा कि कुछ घटिया मानसिकता के लोग महज नकारात्मक कार्यों पर ध्यान देते हैं। इन लोगों में इतना ही दम होता तो अपने कार्यालय में इवेंट करवाते। कांग्रेस के कार्यकाल में किसी ने उनकी पहचान तक नहीं की। कैबिनेट मेमो के आधार पर कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं। लेकिन, इस मेमो में हर चीज स्पष्ट थी।
डब्ल्यूडब्ल्यूई ओलंपिक के मान्यता प्राप्त खेल नहीं है। इस आधार पर सरकार ने वित्तीय मदद की बजाए लॉजिस्टिक स्पोर्ट देने का निर्णय लिया था। उन्होंने वित्तीय मदद के लिए विभागों को पत्र देने की बात को कबूला। उन्होंने कहा कि विभाग को दो जून से पहले पत्र भेजे गए थे। लेकिन, किसी विभाग पर फंड एकत्र करने के लिए कोई दबाव नहीं बनाया गया है।
बता दें कि सोमवार रात को खली के मंडी में समर्थन के लिए रोड शो के बाद सूबे के खेल मंत्री गोविंद सिंह रात 11 बजे ही मंडी पहुंच गए। सुबह प्रेेस वार्ता की। इस दौरान खली के सुर बदले बदले नजर आए।