हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में लगातार हो रही भारी बारिश से तबाही का सिलसिला जारी है। शहर के कई इलाकों में रविवार की तरह सोमवार को भी भूस्खलन और पेड़ ढहने से भारी नुकसान हुआ है। चिंताजनक यह है कि शहर में कई रिहायशी भवनों को भूस्खलन और खतरनाक पेड़ों से खतरा पैदा हो गया है। एसडीए परिसर कसुम्पटी में एक भवन को खाली करवा दिया है। वहीं मज्याठ और कुफ्टाधार समेत बाकी जगहों पर भी लोगों को एहतियात बरतने के हिदायत दी है।
सोमवार को शिमला शहर में 17 पेड़ कहर बनकर टूटे। ओकओवर के पास स्थित राहत होटल परिसर में देवदार का पेड़ ढह गया। पार्षद शीनम कटारिया के अनुसार पेड़ ढहने से होटल की एक दीवार टूट गई। कुछ गाड़ियों को भी नुकसान हुआ है। बैम्लोई में दो जगह पर तीन पेड़ ढह गए। पहले सीपीडब्ल्यूडी स्टोर के पास देवदार का विशालकाय पेड़ ढह गया। इससे स्टोर को भी नुकसान पहुंचा है। दोपहर बाद बैम्लोई में दो पेड़ एक भवन की छत पर ढह गए।
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शिमला में राजभवन के पास गिरा पेड़।
- फोटो : अमर उजाला
इस भवन में ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट रेस्तरां चलता है। हादसे के वक्त कुछ सैलानी भी यहां ठहरे थे। पेड़ ढहने के बाद सभी बाहर की ओर दौड़े। गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। सांगटी के शनान में भी एक मकान पर पेड़ ढहने से नुकसान पहुंचा है।
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बैम्लोई के समीप गिरा पेड़।
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सुबह के समय खलीनी सड़क पर पेड़ ढह गया तो कनलोग और टुटीकंडी में भूस्खलन हो गया। इससे यातायात भी कुछ देर के लिए बाधित रहा। अपर चक्कर में दिनेश भवन के पास सीढि़यों पर मलबा गिर गया है। पूर्व पार्षद किरण बावा के अनुसार मौके पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। शाम के समय विकासनगर पेट्रोल पंप के पास भवन पर पेड़ गिर गया। इससे छत टूट गई है।
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बैम्लोई में गिरे पेड़।
- फोटो : अमर उजाला
कुफ्टाधार, मज्याठ में भूस्खलन, भवनों को खतरा
कुफ्टाधार में भूस्खलन और पेड़ ढहने से पहाड़ी के ऊपरी तरफ बने मकानों को खतरा पैदा हो गया है। भूस्खलन के चलते यहां सड़क भी बंद रही। यूएस क्लब के पास भी सुबह पेड़ और मलबा सड़क पर आ गया। मौके पर पहुंचे पार्षद अतुल गौतम ने रोबोट से सड़क बहाल करवाई। मज्याठ में भी भूस्खलन से एक भवन को खतरा पैदा हो गया है।
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भवन पर गिरा पेड़।
- फोटो : अमर उजाला
नवबहार और स्ट्राॅबरी हिल्स में भी भूस्खलन हुआ है। स्ट्राॅबरी हिल्स में एक पेड़ खतरनाक हो गया है जो एक भवन पर ढह सकता है। दयानंद पब्लिक स्कूल के पास भी एक डंगा ढह गया है। गोरखू लॉज कसुम्पटी में भी भूस्खलन हुआ है। पार्षद रचना शर्मा के अनुसार इससे कोई नुकसान नहीं हुआ है। पार्षद सिमी नंदा के अनुसार बंगाली बगीचा टुटीकंडी के रास्ते पर पेड़ ढह गया है।